दूल्हे की परीक्षा में 250 युवकों ने किया आवेदन 209 फेल

-31 युवतियों से शादी के लिए आए थे 250 युवाओं के आवेदन।

 

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Published: 08 Oct 2018, 09:55 PM IST

लखनऊ. स्कूल में एडमिशन के लिए परीक्षा, हाई स्कूल की परीक्षा, इंटर की परीक्षा उसके बाद बीटेक या बीए, बीएससी की परीक्षा, नौकरी के लिए परीक्षा के बारे में तो आपने सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि दूल्हे की परीक्षा हुईहमने सुना है, लेकिन क्या आपने कभी आपने नौकरी के लिए परीक्षा और साक्षात्कार के बारे में तो सुना होगा, लेकिन दूल्हे की परीक्षा के बारे में शायद ही आपने पहले कभी सुना हो। लेकिन हम यहां बताने जा रहे हैं दूल्हे के परीक्षा के बारे में। राजधानी लखनऊ में ऐसी ही एक परीक्षा हुई जिसका रिजल्ट बीते महीने घोषित किया गया।
बतादें कि राजधानी लखनऊ के राजकीय पाश्चात्यवर्ती देखरेख संगठन में रहने वाली युवतियों से शादी के लिए आवेदन मांगे गए थे। दूल्हे के लिए 250 युवाओं ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद इन सभी युवाओं की जिला प्रशासन की तरफ से परीक्षा ली गई।
परीक्षा लेने के बाद इंटरव्यू भी दिया गया। दोनों प्रक्रिया से गुजरने के दौरान २०१९ युवा यानी दूल्हे बनने वाले आवेदक फेल हो गए। केवल 31 युवा ही पास हो सके, जिन्हें शादी के लिए चुना गया। राजकीय पाश्चात्यवर्ती देखरेख संगठन की अधीक्षिका मंजू वर्मा की मानें तो विवाह के लिए कुल 250 युवकों ने आवेदन किए थे, लेकिन इनमें से 2019 परीक्षा में सफल नहीं हो सके केवल 31 ही युवा दूल्हे के लिए चुने गए। जिला प्रशासन और एलआईयू जांच के बाद सभी ३१ युवा को शादी के योग्य पाया गया।

नवरात्र में बजेगी शहनाई
नवरात्र में राजधानी के मोतीनगर स्थित राजकीय पाश्चात्यवर्ती देखरेख संगठन परिसर में शहनाई बजेगी। 15 अक्टूबर को महानगर के कल्याण मंडप में सभी 31 युवतियां चुने गए युवकों के साथ विवाह बंधन में बंधेंगी। बुधवार से शादी की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी केएस मिश्रा ने बताया कि सामूहिक शादी के लिए अनुदान की व्यवस्था की जा रही है। सभी युवतियों के खाते में 20 हजार रुपये की रकम भेजी जाएगी और 10 हजार रुपये का घरेलू सामान दिया जाएगा। पांच हजार शादी समारोह में खर्च होंगे। यह सामूहिक विवाह जिला प्रशासन के सहयोग से किया जाएगा।

प्रदेश भर से आती हैं युवतियां
राजकीय पाश्चात्यवर्ती देखरेख संगठन में 18 वर्ष से ऊपर वाली सभी बेसहारा युवतियों को रखा जाता है। राजकीय बालगृह (बालिका) मोतीनगर में रहने वाली ऐसी बालिकाएं जिनकी उम्र 18 वर्ष हो जाती है उन्हें यहां स्थानांतरित कर दिया जाता है। अन्य जिलों से भी युवतियां यहां भेजी जाती हैं।

इस तरह से होता है चयन

यहां चयन की प्रक्रिया अलग ही है। जिला प्रशासन के माध्यम से महिला कल्याण विभाग शादी के लिए युवाओं से फोटोयुक्त आवेदन मांगता है। उसके बाद आवेदन की जांच की जाती है। जांच के बाद विभाग उनका इंटरव्यू लेता है। इंटरव्यू में जो युवा पास हो जाते हैं उनके परिवार के लोगों और लड़की की सहमति पूछी जाती है। जब सहमति मिल जाती है तो उसके बाद ही विवाह का निर्णय लिया जाता है।

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