योगी कैबिनेट का फैसला: उत्तर प्रदेश में संविदा पर भर्ती होंगे 26 हजार शिक्षक

योगी कैबिनेट का फैसला: उत्तर प्रदेश में संविदा पर भर्ती होंगे 26 हजार शिक्षक
CM Yogi Adityanath,

Shatrudhan Gupta | Publish: Oct, 24 2017 10:49:40 PM (IST) | Updated: Oct, 24 2017 10:51:58 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कैबिनेट बैठक में 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर किसानों और कारोबारियों समेत सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है।

लखनऊ. यूपी नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर किसानों और कारोबारियों समेत सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है। मंगलवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संविदा पर 26 हजार शिक्षकों और राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों पर करीब साढ़े छह सौ शिक्षक और पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति किए जाने का फैसला लिया गया। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पत्रकारों को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक और प्रवक्ता के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं। इनमें सहायक अध्यापक के 20,200 और और प्रवक्ता के 6300 पद रिक्त हैं। इसे भरने की प्रक्रिया चल रही है। कैबिनेट ने फैसला किया है कि 70 वर्ष से कम उम्र के सेवानिवृत्त शिक्षकों को मौका दिया जाएगा। प्रवक्ता को प्रतिमाह 20 हजार और सहायक अध्यापक को 15 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

संविदा पर 65 वर्ष तक के शिक्षक को मिलेगा अवसर

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश में नौ राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज हैं। इन कालेजों में स्वीकृत पदों की तुलना रिक्त पदों की संख्या अधिक है। सरकार ने फैसला किया है कि संविदा पर रिक्त पद भरे जाएंगे।सिंह ने बताया कि इन कालेजों में 369 शिक्षकों के स्वीकृत पद के सापेक्ष 261 और पैरा मेडिकल के 409 स्वीकृत पद के सापेक्ष 380 रिक्त पद हैं। इस तरह कुल 641 पदों पर भर्ती की जानी है। सरकार ने तय किया है कि संविदा पर 65 वर्ष तक के शिक्षक को अवसर मिलेगा।

जनता की समस्याओं का होगा तुरंत निपटारा

प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि अब मुख्यमंत्री आपके द्वार योजना के तहत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू होगी। इस योजना की निगरानी सीएम योगी खुद करेंगे। इसके लिए 500 सीटर काल सेंटर बनेगा। इसके लिए टोल फ्री नंबर दिया जाएगा। सोमवार और मंगलवार को सभी मंत्री जनता दर्शन के जरिये समस्याओं को सुलझाते हैं, जबकि थाना और संपूर्ण समाधान दिवस के जरिये भी जनता की परेशानियों को दूर करने की सरकार ने पहल की है, पर इसका प्रभावी असर नहीं हुआ है। इसीलिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की स्थापना की जा रही है।

पांच करोड़ की सीमा पर प्रतिवर्ष 50 लाख रुपए का अनुदान

मंत्रीद्वय ने बताया कि कैबिनेट ने किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। इसके तहत खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में पूंजी निवेश की संभावना को देखते हुए उप्र खाद्य प्रसंस्करण नीति-2017 को मंजूरी दे दी है। यह नीति लागू होने की तारीख से पांच वर्ष के लिए होगी। सरकार ने इसके लिए अनुदान देने का फैसला किया है। पांच करोड़ की सीमा पर प्रतिवर्ष 50 लाख रुपए का अनुदान मिलेगा। इस नीति के लागू होने से फूड पार्क, मेगा फूड पार्क को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार सृजन के अवसर से लेकर प्रदेश के किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने में सहूलियत मिलेगी।

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