लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने इन सात स्टेशनों को दिया बड़ा तोहफा, होगा बड़ा बदलाव

-ईको स्मार्ट होंगे उत्‍तर प्रदेश के 7 रेलवे स्‍टेशन

 

By: Ruchi Sharma

Published: 10 Mar 2019, 03:12 PM IST

लखनऊ. महात्मा गांधी के सपने को पूरा करने के लिए देशभर में चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान के बावजूद रेलवे स्टेशनों पर व्याप्त गंदगी को लेकर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने रेलवे को फटकार लगाई है। एनजीटी ने रेलवे को स्टेशन और पटरियां साफ रखने के आदेश दिए हैं। एनजीटी ने पर्यावरणीय मानक ना पूरे करने वाले स्टेशनों को लेकर रेलवे को फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द सभी स्टेशनों को साफ सुथरा करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद अब राजधानी के चारबाग और लखनऊ जंक्शन सहित प्रदेश के सात प्रमुख स्टेशनों को ईको स्मार्ट बनाए जाएंगे। एनजीटी ने 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश के सात व देश के 36 स्टेशनों को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के पर्यावरणीय मानकों के तहत विकसित करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों का दावा है कि वे 15 मार्च तक कार्ययोजना तैयार कर लेंगे। इस योजना में चारबाग, लखनऊ जंक्शन, इलाहाबाद, झांसी, आगरा, वाराणसी व मंडुआडीह स्टेशन शामिल है।

ये सात स्टेशन होंगे शामिल

एनजीटी ने रेलवे को देश के 36 प्रमुख स्टेशनों को बीआईएस के पर्यावरणीय मानक-14001 आधार पर विकसित करने के आदेश दिए हैं। इन स्टेशनों को मॉडल के तौर पर विकसित कर ईको स्मार्ट का दर्जा दिया जाना है। एनजीटी ने योजना के तहत चिह्नित किए गए स्टेशनों को तीन महीनों में मानकों के हिसाब से विकसित करने के आदेश दिए हैं। उत्तर रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार का कहना है कि एनजीटी ने उत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी, दिल्ली, नई दिल्ली, कटरा व फिरोजपुर स्टेशन को ईको स्मार्ट स्टेशन बनाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नामित कर लिए गए हैं।

प्लास्टिक का इस्तेमाल होगा बंद

बता दें कि रेलवे इन स्टेशनों पर प्लास्टिक और कचरे का प्रबंधन करने के लिए स्थानीय नगर निकायों को भी साझीदार बनाने की तैयारी में है। हर महीने स्टेशनों से निकलने वाला हजारों टन कचरे का निस्तारण आसान नहीं होगा। उत्तर प्रदेश के सात चिह्नित स्टेशनों पर प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद कर सकता है।

पेड़ पौधों का दिया जाएगा विशेष ध्यान

पहले चरण में कचरे व प्लास्टिक का समुचित निस्तारण करने का काम होगा। दूसरे चरण में तीन महीने के अंदर स्टेशनों के पानी और ऊर्जा खपत का ऑडिट कराया जाएगा। इसका मकसद बिजली व पानी की खपत नियंत्रित करना है। स्टेशनों के प्लेटफार्मों की लाइंस और वॉशिंग लाइंस पर ट्रेनों की धुलाई से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए अभी तक कोई संयंत्र न लगाने पर एनजीटी ने नारजगी जाहिर की है। अभी यह पानी नदियों व जलाशयों में जाता है। रेलवे इसके लिए भी शोधन यंत्र लगाने की तैयारी में है। इन स्टेशनों के आस-पास पेड़ पौधों के संरक्षण पर खास ध्यान दिया जाएगा।

Ruchi Sharma
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