प्रदेश में डब्ल्यूएचओ के मानक से करीब नौ गुना ज्यादा टेस्ट हुए

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में हर पॉजिटिव केस पर 32 लोगों की हो रही जांच

यूपी में था प्रतिदिन 32 हजार टेस्ट का लक्ष्य, लेकिन यूपी कर रहा रोजाना औसतन तीन लाख टेस्ट

By: Ritesh Singh

Published: 17 Jun 2021, 06:31 PM IST

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यूपी मॉडल के कारण कोरोना संक्रमण न्यूनतम स्तर पर आ गया है। प्रदेश में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के मानक से करीब नौ गुना ज्यादा टेस्ट हुए हैं। आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में हर पॉजिटिव केस पर 32 लोगों की जांच हो रही है। जबकि डब्ल्यूएचओ ने प्रतिदिन 32 हजार टेस्ट का लक्ष्य दिया था, लेकिन प्रदेश में रोजाना औसतन तीन लाख टेस्ट हो रहे हैं।

सीएम योगी के ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट फार्मूले से यूपी मॉडल दूसरे राज्यों के लिए नजीर बन गया है। 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य यूपी में पिछले 24 घंटे में दो लाख 90 हजार लोगों की जांच में सिर्फ 336 नए केस आए हैं और पॉजिटिविटी दर 0.1 फीसदी है। प्रदेश में टेस्ट बढ़े हैं, लेकिन संक्रमण के मामले घटे हैं। पिछले 24 घंटे में 685 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है, रिकवरी दर 98.4 फीसदी हो गया है। देश में सबसे ज्यादा 5,44,36,119 टेस्ट प्रदेश में किया गया है।

देश में कुल सक्रिय केसों में उत्तर प्रदेश 15वें स्थान पर

प्रदेश में कुल सक्रिय केस घटकर 6019 हो गए हैं। जबकि पिछले 24 घंटे में केरल में 13,270, तमिलनाडु में 10,448, महाराष्ट्र में 10,107, कर्नाटक में 7,345 और आंध्र प्रदेश में 6,617 नए केस आए हैं। देश में कुल सक्रिय केसों में उत्तर प्रदेश 15वें स्थान पर है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, असम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, पंजाब, गुजरात और मणिपुर के बाद उत्तर प्रदेश है।

दूसरे लहर थमने के बाद तीसरे लहर की भी युद्ध स्तर पर तैयारी

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद संभावित तीसरे लहर की युद्ध स्तर पर तैयारी हो रही है। दिसम्बर तक 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रदेशवासियों को टीका लगाने की योजना है। तीसरे लहर को रोकने के लिए पहले से ही 50 लाख से अधिक बच्चों को चार प्रकार के निशुल्क मेडिसिन किट का वितरण शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में 17 लाख किटें जिलों में भेजी गईं हैं। वयस्कों के लिए हर निगरानी समिति को 100 किटें देने के लिए 71 लाख किटें भेजी गईं हैं। अप्रैल माह में आशाओं ने घर-घर जाकर करीब 10 लाख दवाएं निशुल्क बांटी हैं। मई में शहरी क्षेत्रों में 12,955 और ग्रामीण क्षेत्रों में 58,194 निगरानी समितियों ने चार चरणों में करीब 68 लाख निशुल्क मेडिसिन किट बांटी हैं।

प्रदेश में 62 सौ केंद्रों पर हो रहा टीकाकरण

प्रदेश में निशुल्क टीकाकरण महाअभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक लोगों को कुल 2,42,03,020 डोज टीके की दी गई है। इसमें 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को कुल 1,59,05,245 और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को कुल 50,81,583 डोज टीके की दी गई है। प्रदेश में करीब 62 सौ केंद्रों पर टीकाकरण हो रहा है। इसे और बढ़ाने के लिए करीब 20 हजार कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकार का जून, जुलाई और अगस्त में 10 करोड़ प्रदेशवासियों को टीका लगाने की योजना है। प्रदेश में सभी मेडिकल कालेजों में 100-100 बेड और हर जिला अस्पताल में 20-20 बेड पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) और कम से कम दो सीएचसी में पीकू/नीकू के बेड 20 जून तक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

निगरानी समितियों ने घर-घर जाकर 17,21,05,343 की स्क्रीनिंग की

प्रदेश में निगरानी समितियों ने घर-घर जाकर 17,21,05,343 लोगों की स्क्रीनिंग की है। इसके अलावा नगर निकायों के 12,016 वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसमें 5426 टीमों ने 1,02,928 स्थानों पर सेनेटाइजेशन, 5799 वार्डों में फॉगिंग और 6626 वार्डों में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। 41,982 राजस्व गांवों में 73,680 सफाई कर्मियों ने अभियान चलाकर 6477 राजस्व गांवों में फॉगिंग और 21,854 राजस्व गांवों में सेनेटाइजेशन किया है।

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