मुकेश मनवानी हत्याकांड: हत्यारों को तलाश रही थी पुलिस, लेकिन हत्यारे से फोन पर बात कर रहे थे इंस्पेक्टर

हत्या के बाद 16 बार आरोपी और इंस्पेक्टर के बीच हुई बात।

By: Dhirendra Singh

Published: 04 Jan 2018, 04:18 PM IST

लखनऊ. राजधानी के नाका थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मुकेश मनवानी हत्याकांड में पुलिस की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिन हत्यारों की तलाश में कई दिन तक पूरे जिले की पुलिस को दौड़ाया गया। उसमें से एक आरोपी से खुद इंस्पेक्टर नाका लगातार फोन पर बात कर रहे थे। इंस्पेक्टर नाका ने मुकेश मनवानी की हत्या होने के बाद हत्यारे राजेंद्र सिंह दुआ से एक दो बार नहीं बल्कि 16 बार उसी दिन बात की। लेकिन नाका पुलिस हत्यारों को तलाशने का दिखावा करती रही। मामले को दबाने की आशंका के चलते आईजी रेंज लखनऊ ने परिवार की मांग पर जांच उन्नाव पुलिस को दे दी थी, जिसने अपनी एक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करते हुए इसका खुलासा किया है।

हत्या वाले दिन हुई 16 बार हत्यारे से इंस्पेक्टर की बात
गत 25 अगस्त 2017 को होटल व्यवसायी मुकेश मनवानी की चारबाग स्थित गुरुनानक मार्केट में गोली मार हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राजेंद्र सिंह दुआ के साथ, उसके बेटे मंजीत, भतीजे बलवीर, जसवीर और दुकान पर काम करने वाले पारुल व शेरू के खिलाफ नाका थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था। थाना पुलिस ने इस मामले में पारुल, शेरू और बलवीर को फौरन गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अन्य सभी को फरार बताती रही।
लेकिन उन्नाव के सफीरपुर थाने द्वारा की गई जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश मनवानी की दोपहर 3:35 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके ठीक 12 मिनट बाद आरोपी राजेंद्र दुआ और नाका इंस्पेक्टर परशुराम सिंह के बीच 153 सेकेंड तक बात हुई। पूरे मामले में शुरु से ही पुलिस को मुकेश की हत्या में राजेंद्र व अन्य का नाम पता चल चुका था। लेकिन राजेंद्र दुआ से इंस्पेक्टर परशुराम सिंह की सीयूजी और निजी दोनों नंबरों पर लगातार बात होती रही, फिर भी पुलिस उसे तलाशने का नाटक करती रही। हत्या वाले दिन ही दोनों के बीच चंद घंटों में 16 बार बात हुई थी।

हत्या से पहले भी इंस्पेक्टर के संपर्क में था आरोपी
उन्नाव पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक राजेंद्र दुआ और नाका इंस्पेक्टर परशुराम सिंह पहले से ही संपर्क में थे। दोनों के बीच में 21 और 23 अगस्त को भी फोन पर बात हुई थी। संभवता पुलिस को राजेंद्र दुआ और मुकेश के बीच किसी तरह के विवाद की लगातर जानकारी हो रही थी। लेकिन पुलिस ने पहले कोई एक्शन नहीं लिया।

कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में इंस्पेक्टर की कॉल का जिक्र
जानकारी के मुताबिक उन्नाव पुलिस ने मुकेश मनवानी हत्याकांड में अब तक जांच के बाद आरोप पत्र के साथ कॉल रिकॉर्ड भी कोर्ट में दाखिल किया है। इस आरोप पत्र में अन्य लोगों के साथ राजेंद्र दुआ की बातचीत के साथ ही इंस्पेक्टर नाका से हुई कॉल डिटेल का जिक्र किया गया है।

परिवार के आरोप पर जांच उन्नाव भेजी गई
मुकेश की हत्या में शामिल आरोपियों की पहुंच को देखते हुए उसके परिवारीजनों अधिकारियों से जांच में लीपापोती होने की आशंका जताई थी। इसके बाद इस हत्याकांड की जांच नाका से महानगर थाना पुलिस को सौंप दी गई। लेकिन वहां भी लापरवाही के चलते परिवार ने जांच लखनऊ जिले से बाहर कराने का आग्रह किया। इस पर आईजी रेंज जय नारायण सिंह ने जांच का जिम्मा उन्नाव जिले के सफीपुर थाना प्रभारी को सौंपा था।

इंस्पेक्टर पर गिर सकती है गाज
आईजी रेंज जय नारायण सिंह ने मुताबिक उन्नाव पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। वहीं नाका थाना प्रभारी पर लगे आरोप के संबंध में सफीपुर थाने से रिपोर्ट मंगाई है। उनका कहना है कि आरोप सही पाए गए तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नाका इंस्पेक्टर परशुराम सिंह का कहना है कि उन्होंने निष्पक्षता से मामले की जांच की। वारदात के बाद आरोपी से बातकर गिरफ्तारी या सरेंडर कराने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन बाद में उसने अपना फोन बंद कर दिया था।

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