यूपी में पीएम योजना में बड़ा घोटाला- नौ सस्पेंड- एफआईआर दर्ज

फर्जी दस्तावेज और अधिकारियों की मिलीभगत

By: Anil Ankur

Published: 15 Nov 2018, 11:51 AM IST

लखनऊ। किसानों की आय बढ़ाने की प्रधानमंत्री की योजना को धता बताते हुए उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग में बड़ा घोटाला सामने आया है। घोटाले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उसके बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने नौ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। मृदा परीक्षण के लिए एजेंसी के चयन में अनियमितता के आरोप में दो संयुक्त कृषि निदेशकों सहित कृषि विभाग के नौ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा चार फर्मों को ब्लैकलिस्टेड करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर के आदेश भी दिए हैं। इसके अलावा एक फर्म से भुगतान की गई रकम की वसूली की जाएगी।


फर्जी दस्तावेज और अधिकारियों की मिलीभगत
सस्पेंड किए गए अफसरों में दो संयुक्त निदेशक स्तर के हैं, जबकि पांच अधिकारी उप निदेशक और दो सहायक निदेशक स्तर के हैं। इन सभी ने जांच एजेंसी के चयन में टेंडर की शर्तें फर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए बदली थीं। ब्लैकलिस्टेड फर्मों पर फर्जी दस्तावेज लगाने और विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर टेंडर हासिल करने का आरोप है। साथ ही साल 2018-19 में बरेली में एस. सलूशंस को भुगतान किए गए 7.14 करोड़ रुपये वसूलने के आदेश भी दिए गए हैं।

तीन दर्जन अधिकारी दोषियों की सूची में थे
उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभात कुमार के आदेश पर सितंबर 2018 में कृषि निदेशक सोराज सिंह ने इस मामले की जांच की थी। जांच में विभाग के 36 अफसरों को इस तरह के फर्जीवाड़े का दोषी पाया गया था। जब जांच रिपोर्ट मिली तो उसके बाद संयुक्त निदेशक पंकज त्रिपाठी को तत्काल हटाने और भविष्य में कोई भी महत्वपूर्ण काम न दिए जाने के आदेश आयुक्त ने दिए थे। इसको लेकर विभाग में काफी चर्चा भी थी।

जो अफसर हुए ससपेंड
लखनऊ स्थित कृषि निदेशालय में संयुक्त कृषि निदेशक (शोध एवं मृदा सर्वेक्षण) पंकज त्रिपाठी, बरेली के उप कृषि निदेशक विनोद कुमार, मुरादाबाद के उप कृषि निदेशक डॉ़ अशोक कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक अलीगढ़ जुगेंद्र सिंह राठौर, सहारनपुर के उप कृषि निदेशक राजीव कुमार, झांसी के उप कृषि निदेशक राम प्रताप, मेरठ के उप कृषि निदेशक सुरेश चंद्र चौधरी, उप कृषि निदेशक/प्रभारी श्रीदेव शर्मा (सहायक निदेशक, मृदा परीक्षण/कल्चर, अलीगढ़) और बरेली के सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण/कल्चर) संजीव कुमार सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में शामिल हैं। उप निदेशक स्तर के सभी अफसर अपने-अपने मंडलों की निविदा समिति के अध्यक्ष भी थे। इसके अलावा मेसर्स यश सलूशंस, मेसर्स सिद्धि विनायक, मेसर्स सतीश कुमार अग्रवाल और मेसर्स सरस्वती सेल्स को ब्लैकलिस्ट किया गया है।

Anil Ankur Desk/Reporting
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