राजधानी समेत यूपी के इन शहरों में बड़े पैमाने पर बढ़ा प्रदूषण का स्तर

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में देशभर में 102 शहरों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा पाया गया है। इनमें यूपी के लखनऊ समेत 15 शहर शामिल हैं

By: Karishma Lalwani

Published: 24 Jun 2020, 08:33 AM IST

लखनऊ. लॉकडाउन (Lockdown) के बाद वाहनों का सड़कों पर चलना क्या शुरू हुआ, प्रदूषण भी पहले की तरह बढ़ने लगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में देशभर में 102 शहरों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा पाया गया है। इनमें यूपी के लखनऊ समेत 15 शहर शामिल हैं। साथ ही प्रदूषण बढ़ने के कारण को भी दर्शाया गया है। वाहनों से प्रदूषण की मात्रा ज्यादा निकलने की सबसे बड़ी वजह ओवरलोड ट्रकें हैं। परिवहन आयुक्त धीरज साहू बताते हैं कि ओवरलोड वाहनों पर चालान की कार्रवाई की जा रही है। जहां वाहनों की तौल होती है, वहां की सूची मंगाई जा रही है। एनजीटी और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के निर्देशों पर ओवरलोड वाहनों की तौल कराकर ट्रकों से निकलने वाले प्रदूषण को रोका जाएगा।

इन शहरों से आ रही प्रदूषण बढ़ने की शिकायत

एनजीटी के पत्र में यूपी के 15 शहरों में वाहनों से प्रदूषण का सबसे ज्यादा खतरे की चेतावनी दी है। इनमें लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, बरेली, बुलंदशहर, नोएडा, प्रयागराज, गाजियाबाद, झांसी, रायबरेली, जेपीनगर अमरोहा, मुरादाबाद, फिरोजाबाद व सोनभद्र जिला शामिल हैं।

प्रदूषण की जांच वैधता खत्म होने पर 2500 का चालान कटेगा

आरटीओ संजीव गुप्ता के अनुसार, सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत 25 जून को प्रदूषण के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हुए चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जहां एक फरवरी 2020 के पहले प्रदूषण जांच की वैधता खत्म होने पर ढाई हजार रुपये का चालान काटा जाएगा।

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Karishma Lalwani
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