चाचा Vs भतीजा वार, सियासी 'कुश्ती' का एक और राउंड चाहते हैं अखिलेश?

चाचा Vs भतीजा वार, सियासी 'कुश्ती' का एक और राउंड चाहते हैं अखिलेश?
akhilesh shivpal

अखिलेश को इंतजार है टाइमिंग और प्रिय चाचा रामगोपाल के इशारे का, उसके बाद झगड़े का दूसरा राउंड शुरू हो सकता है।

लखनऊ. समाजवादी पार्टी में चल रहे साइलेंट घमासान के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक और बड़े बदलाव का ऐलान किया है। सीएम ने आठ मंत्रियों के प्रभार बदल दिए हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सर पर है लेकिन समाजवादी पार्टी अभी भी अंतर्कलह से जूझ रही है। वो तो भला हो नोटबंदी का, जिसने सपा के अंदरूनी संग्राम की आग को अभी तक थामे रखा है। नहीं तो नेताजी के परिवार का झगड़ा इस समय भी सुर्खियों में होता और चाचा भतीजा के समर्थक सड़क पर सर्दी में भी जोर आजमाईश कर रहे होते। चाचा-भतीजे के एक दूसरे को चिढ़ाने वाले फैसलों के बीच सीएम अखिलेश द्वारा मंत्रियों के प्रभारों में अदला-बदली का ये फैसला कहीं शिवपाल को फिर न खटक जाए, ये देकने वाली बात होगी।

इनको मिला नया प्रभार
आपको बता दें कि सरकारी योजनाओं पर निगरानी के लिए इन सभी मंत्रियों को जिले का प्रभारी बनाया गया है। बदलाव के बाद जिन मंत्रियों के पास नए प्रभार आए हैं उनमें ब्रह्माशंकर को चित्रकूट का प्रभार सौंपा गया है। शिवाकांत ओझा को शामली, दुर्गा प्रसाद यादव को मुरादाबाद, मंत्री यासिर शाह को शाहजहांपुर का प्रभार, अभिषेक मिश्रा को ऐटा का प्रभार, जियाउद्दीन को मैनपुरी का प्रभार, मंत्री राम मूर्ति वर्मा को संभल का प्रभार वहीं मंत्री मूलचंद चौहान सिद्धार्थ नगर का प्रभार सौंपा गया है। अब देखने वाली बात ये होगी कि अखिलेश के इस फैसले का चाचा बुरा न मान जाएं और अखिलेश के कुछ और चहेतों का टिकट कट जाए।




शुरू न हो जाए घमासान का अगला राउंड
पिछले काफी दिनों से मुलायम सिंह यादव कुनबे में आग अंदर ही अंदर सुलग रही है। दरअसल समाजवादी पार्टी में अब सारा घमासान टिकट के बंटवारे को लेकर है। शिवपाल यादव जिस तरह से टिकट काट और बांट रहे हैं, लगता है जल्द ही घर के घमासान का अगला राउंड शुरू होने वाला है। अखिलेश और शिवपाल यादव दोनों अपने अपने समर्थकों के लिए अधिक से अधिक टिकट टिकट चाहते है। वहीं जब से शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने है, एक-एक कर वे अखिलेश के समर्थकों का पत्ता साफ कर रहे हैं। तो इसी बीच अखिलेश यादव ने भी कह दिया है कि चाचा साथ हो ना हो, बस जनता हमारे साथ रहे। 

सही टाइमिंग के इंतजार में अखिलेश
अखिलेश यादव इन दिनों खामोशी से चाचा शिवपाल के टिकट काटो और बांटो अभियान को देख रहे है। उन्हें इंतजार है सही टाइमिंग और प्रिय चाचा रामगोपाल यादव के इशारे का। उसके बाद चाचा और भतीजे के झगड़े का दूसरा राउंड शुरू हो सकता है। वैसे भतीजे ने चाचा को मंत्रिमंडल से आउट कर कुश्ती मैच का पहला राउंड तो फतह कर लिया है। अब अखिलेश यादव दूसरे राउंड का मैच भी जीतना चाहते हैं। वैसे इस मैच में रेफरी की भूमिका अदा करने वाले नेताजी का किरदार सबसे दिलचस्प होगा, क्योंकि आखिर में तय उन्हीं को करना है कि इस मैच में कौन जीता और कौन हारा।

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