'राम' के मुकाबले अखिलेश का 'जय श्री कृष्णा' राहुल का 'जय भोले नाथ', 2019 के लिए ढूंढ़ ली काट !

'राम' के मुकाबले अखिलेश का 'जय श्री कृष्णा' राहुल का 'जय भोले नाथ', 2019 के लिए ढूंढ़ ली काट !

Prashant Srivastava | Publish: Sep, 04 2018 02:23:34 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 04:10:56 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

'राम' के मुकाबले अखिलेश का 'जय श्री कृष्णा' ,चुनाव से पहले जन्माष्टमी भी मनाई, 2019 के लिए रणनीति में बदलाव...राहुल बने 'शिव भक्त'

प्रशांत श्रीवास्तव, लखनऊ. साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश-राहुल को लेकर यूपी के दो अच्छे लड़के स्लोगन चलाया गया था। हालांकि दोनों को बुरी तरह पराजय का सामना करना पड़ा था। चुनाव के बाद सपा- कांग्रेस के बीच मतभेद की बातें भी सामने आईं थीं लेकिन दोनों का कहना था कि बीजेपी ने धर्म के मुद्दे पर पूरा चुनाव लड़ा था और लोक सभा चुनाव पास आते ही राम मंदिर मुद्दा फिर गर्माएंगे। ऐसे में 2019 के लिए अखिलेश यादव व राहुल गांधी ने रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है। अखिलेश ने भगवान विष्णु के नाम पर इटावा में सिटी व भव्य मंदिर बनवाने की घोषणा की। इसके अलावा राजधानी में मंदिर जाकर जन्माष्टमी भी मनाई तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष व अमेठी सांसद राहुल गांधी मानसरोवर धाम की य़ात्रा पर निकल गए हैं।

'मंदिर' के मुकाबले 'मंदिर' की रणनीति

बीते दिनों अखिलेश ने ऐलान किया कि अगर वह सत्‍ता में आए तो उत्‍तर प्रदेश में भगवान विष्णु का नगर विकसित किया जाएगा और इसमें भव्य मंदिर भी होगा। उन्‍होंने कहा कि भगवान विष्‍णु का यह मंदिर कंबोडिया के विश्‍व प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर की तरह होगा।हम भगवान विष्णु के नाम पर लायर सफारी इटावा के निकट 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर नगर विकसित करेंगे। हमारे पास चंबल के बीहड़ में काफी भूमि है। इस नगर में भगवान विष्णु का भव्य मंदिर होगा। यह मंदिर कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तरह होगा ।'उन्‍होंने ये भी कहा कि इसके अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की एक टीम कंबोडिया भेजी जाएगी। यह शहर हमारे अतीत की संस्कृति और ज्ञान का केंद्र होगा। कंबोडिया का अंकोरवाट विश्व के सबसे विशाल धार्मिक परिसर में से एक है। वह मूल रूप से भगवान विष्णु को समर्पित हिन्दू मंदिर था, जो धीरे-धीरे बौद्ध मंदिर में तब्दील हो गया।

 

akhilesh

जन्माष्टमी से दिया संकेत

जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने अखिलेश यादव सपरिवार मंदिर पहुंचे। साथ में पत्‍‌नी डिंपल यादव और दोनों बच्चों भी मौजूद रहे। अखिलेश ने परिवार के साथ भगवान का रुद्राभिषेक किया।अखिलेश ने पत्‍‌नी और बच्चों के कान्हा के दर्शन किए व रुद्राभिषेक भी किया। वहीं, बच्चों के चेहरे में खुशी नजर आई। अखिलेश यादव को देख लोगों के बीच सेल्फी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान अखिलेश ने भी अपने चाहने वालों के साथ फोटो खींचवाई। सपरिवार कान्हा के दर्शन करने के बाद अखिलेश यादव ने फोटो ट्वीट कर अपनी खुशी जगजाहिर की। साथ ही उन्होंने लिखा- 'श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सपरिवार लखनऊ के इस्कॉन मंदिर में दर्शन का सौभाग्य।'

राहुल भी इसी रणनीति पर

कांग्रेस अध्यक्ष व अमेठी के सांसद राहुल गांधी इन दिनों कैलाश मानसरोवर धाम की यात्रा पर हैं। वह इससे पहले भी शिव भक्ति को लेकर कई बयान दे चुके हैं। वे अपने दौरे के दौैरान अब मंदिर जरूर जाते हैं। हाल ही में अमेठी दौरे के दौरान भी वे मंदिर गए थे। इसके अलावा उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी 'सच्चे हिंदु' व 'शिव भक्त' जैसे पोस्टर भी वायरल किए हैं।

पिछले दिनों उठा था राम मंदिर का मुद्दा

बता दें कि पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने राम मंदिर के मुद्दे को फिर से हवा दे दी थी । उन्होंने कहा कि लोगों को भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राम मंदिर निर्माण की सारी बाधाएं दूर हो जायेंगी। उन्होंने कहा कि या तो कोर्ट का निर्णय जल्दी आ जायेगा या फिर हम बातचीत के जरिये मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर कर लेंगे। मंदिर निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पास तीसरा विकल्प भी है कि संसद इस संबंध में कानून मना दे। इसके बाद से लगने लगा था कि आगामी लोकसभा चुनाव में राम मंदिर बड़ा मुद्दा बन सकता है। ऐसे में अखिलेश व राहुल ने अपनी रणनीति में परिवर्तन किया है। अब सॉफ्ट हिंदुत्व के सहारे वोटों को ध्रुवीकरण रोकने का प्रयास शुरू हो गया है।

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