मायावती और अखिलेश यादव की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, सरकार बनाने की कवायद में जुटा विपक्ष

मायावती और अखिलेश यादव की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, सरकार बनाने की कवायद में जुटा विपक्ष

Nitin Srivastva | Publish: May, 20 2019 01:40:21 PM (IST) | Updated: May, 20 2019 02:30:14 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- अचानक मायावती से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव
- बंद कमरे में दोनों नेताओं की हुई मुलाकात
- लगभग सवा घंटे चली अखिलेश-मायावती की मुलाकात

लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल आने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। रिजल्ट से पहले विपक्ष अपनी रणनीति बनाने में जुट गया है। इसी क्रम में आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की है। एग्जिट पोल के नतीजों के बाद अखिलेश ने माल एवेन्यू स्थित आवास पर मायावती से मुलाकात की है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली में होने वाली सर्वदलीय बैठक को लेकर यह मुलाकात थी और करीब एक घंटा 15 मिनट तक दोनों नेताओं की बातचीत चली है। हालांकि एग्जिट पोल के नतीजे बीजेपी के लिए राहत भरी खबर लेकर आए हैं। वहीं दूसरी तरफ अखिलेश और मायावती ने चुप्पी साध ली है। अभी तक दोनों नेताओं ने कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

 

किसी को नहीं थी मुलाकात की खबर

आपको बता दें कि अखिलेश-मायावती की यह मुलाकात काफी गुप्त रखी गई और इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई थी। यहां तक कि अखिलेश यादव के मायावती के आवास पर पहुंचने तक किसी को इस मुलाकात की कानोकान खबर नहीं थी। वहीं जब अखिलेश यादव से इस मुलाकात का कारण पूछा गया तो वह मुस्कुराकर सारे सवालों को टाल गए। अखिलेश ने मीडिया से बात करने से इनकार करते हुए कहा कि मैं बाद में बात करूंगा। हालांकि उनके हाव-भाव से यही लग रहा था कि दोनों नेताओं के बीच एगजिट पोल के नतीजों और 23 मई को रिजल्ट आने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा हुई है। सूत्रों के मुताबिक अखिलेश-मायावती की मुलाकात के समय उनके साथ और कोई मौजूद नहीं था। जिससे साफ है कि सपा-बसपा लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले अपनी रणनीति बिल्कुल गुप्त रखना चाहती है।


सरकार बनाने में जुटे विपक्षी दल

दरअसल सभी राजनीतिक दल सरकार बनाने के लिए जरूरी समीकरण बनाने की कवायद में जुट गए हैं। इस बीच विपक्ष के महागठबंधन को लेकर अटकलें भी तेज होती जा रही हैं। हालांकि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती ने अभी भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं इस बीच समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इशारा किया है कि गठबंधन की अटकलों पर अभी विराम नहीं लगा है। उन्होंने कहा था कि सभी विपक्षी पार्टियां 23 मई के नतीजों बाद देश को नया पीएम देने की कोशिश में हैं। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस को समर्थन दिया जाएगा। अखिलेश ने दावा किया कि यूपी में महागठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी।

 

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