सियासी भविष्यवाणी : योगी आदित्यनाथ वर्ष 2019 में गवां देंगे सीएम की कुर्सी, अखिलेश यादव ने किया दावा

सियासी भविष्यवाणी : योगी आदित्यनाथ वर्ष 2019 में गवां देंगे सीएम की कुर्सी, अखिलेश यादव ने किया दावा

Alok Pandey | Publish: Sep, 07 2018 10:32:42 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

भाजपा में 2019 में मुख्यमंत्री बदलने की आहट है। संभावित सीएम और मौजूदा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जाति सम्मेलन कराने में काफी सक्रिय हैं।

लखनऊ. अगले साल यूपी में भाजपा का नया मुख्यमंत्री होगा। योगी आदित्यनाथ की विदाई तय है। ऐसा दावा किया है सपा के सुल्तान अखिलेश यादव ने। मौका था समाजवादी पार्टी के कार्यालय में पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ सम्मेलन। सम्मेलन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के हालात बेहद खराब हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2019 में अपना पद गंवा देंगे। संकेत के रूप में भाजपा में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में लड़ाई तेज दिखने लगी है।


केशव प्रसाद मौर्य को बताया अगला मुख्यमंत्री

समाजवादी पार्टी कार्यालय में सपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ का सम्मेलन में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में 2019 में मुख्यमंत्री बदलने की आहट है। संभावित सीएम और मौजूदा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य जाति सम्मेलन कराने में काफी सक्रिय हैं। अखिलेश यादव ने भाजपा के जातीय सम्मेलनों पर निशाना साधा। साथ ही केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिए बिना कहा, सरकार में उप मुख्यमंत्री का अपमान हुआ। अब उन्हें 2019 में मुख्यमंत्री बनाने की बात चल रही है। इसी कारण वह पिछड़ी जातियों के सम्मेलन करा रहे हैं।


भाजपा के ऊपर टीपू सुल्तान ने चलाए शब्दबाण

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का सिर्फ एक ही काम है, लोगों को जाति के नाम पर, धर्म के नाम पर तथा ऊंच-नीच के नाम पर लड़ाना। भाजपा की इस चाल को अब लोग समझ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पार्टी के नेताओं ने अभी तक लोगों को हर तरह से परेशान करने के साथ ही आपस में लड़ाने का काम किया है। उन्होंने भाजपा पर शिक्षकों, किसानों, नौजवानों के अपमान का आरोप लगाया। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई आसमान छू रही है। भारत दुनिया के मुकाबले बहुत पिछड़ गया है। भाजपा राज में लोकतंत्र को खतरा पैदा हो गया है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।


पूर्व सैनिकों की यूपी चुनाव में भूमिका को सराहा

अखिलेश ने सत्ता में बदलाव लाने के लिए पूर्व सैनिकों से आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में उप्र की अहम भूमिका होगी और नया प्रधानमंत्री यहीं से होगा। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पार्टी के नेताओं ने लोगों को परेशान करने के साथ आपस में लड़ाने का काम किया। नोटबंदी की मार से कोई नहीं बचा। अब आरक्षण के मुद्दे पर जनता को लड़ाया जा रहा है। भाजपा को यह लगता है कि जब आदमी परेशान होंगे तब उनको वोट ज्यादा मिलेंगे। यादव ने ईवीएम के बजाए बैलेट से ही चुनाव कराने की मांग को दोहराया।

 

कुंभ में कभी किसी को न्योता नहीं दिया जाता

पूर्व मुख्यमंत्री ने कुंभ का न्योता देने पर तंज कसते हुए कहा कि इतिहास कहता है सबसे पहले कन्नौज के राजा हर्षवर्धन द्वारा कुंभ मेला शुरू कराया गया था। जो मेला कन्नौज वालों ने शुरू किया उसको ही फॉलो किया जा रहा है लेकिन, कुंभ में कभी किसी को न्योता नहीं दिया जाता। इस मेले में सभी अपनी आस्था से आते हैं लेकिन, भाजपा नई परंपरा चालू कर रही है। उन्होंने बताया कि जब सपा शासन में कुंभ कराया था तब हैवेल्स यूनिवर्सिटी ने शोध भी किया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे आते-जाते और रहते हैं।


समाजवादी जागरूकता सप्ताह अब 12 तक

समाजवादी छात्र जागरूकता सप्ताह के तीसरे दिन गुरुवार को छात्र नौजवान सम्मेलन में शिक्षकों का सम्मान किया गया। यह सप्ताह अब 12 सितंबर तक मनाया जाएगा। राष्ट्रीय सचिव व मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों में आपस में समन्वय कायम करना है। सपा गत कई वर्षों से जागरूकता सप्ताह में शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम करती है। उन्होंने बताया कि समाजवादी जागरूकता सप्ताह की अवधि दो दिन बढ़ा दी है। यह अभियान 10 सितंबर के बजाय 12 सितंबर तक चलाया जाएगा। इसमें सदस्यता अभियान, साइकिल यात्रा एक महाविद्यालय से दूसरे महाविद्यालय तक चलाई जाएगी और अंतिम दिन कैंपस परिचर्चा होगी, जिसमें लोकतंत्र में मौजूदा हालात और छात्र समस्याओं व छात्र संघ उपयोगिता पर गोष्ठी कराई जाएंगी।

 

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