अब बीटेक ऑनर्स की भी डिग्री देगा AKTU

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय पहली बार बीटेक आनर्स की उपाधि देना शुरू करेेगा।

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Published: 22 Mar 2018, 08:50 PM IST

लखनऊ. डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय पहली बार बीटेक ऑनर्स की उपाधि देना शुरू करेेगा। यूनिवर्सिटी के बीटेक पाठ्यक्रम में प्रवेशित जो छात्र-छात्राएं मूक्स के माध्यम से 20 क्रेडिट के कोर्स पूरा कर लेंगे उन्हें विवि बीटेक आनर्स की उपाधि प्रदान करेगा। आगामी जुलाई सत्र से यह व्यवस्था शुरू किया जाना प्रस्तावित है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में गुरुवार को विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में विद्या परिषद् की 55 वीं बैठक आयोजित की गयी जिसमें ये घोषणा की गई।

बैठक के दौरान लिए गए मुख्य निर्णय:

-यूनिवर्सिटी ने पहली बार टीचर्स वेलफेयर फंड की स्थापना का निर्णय लिया है। इस फंड के अंतर्गत विवि अपने सरकारी एवं निजी सम्बद्ध संस्थानों के शिक्षकों की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को सहायता धनराशि प्रदान करेगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने 50 लाख रूपये के कार्पस फंड का प्रावधान कर लिया है। प्रदान की जाने वाली सहायता राशि की रकम के निर्धारण के लिए एक समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया है।

-बैठक के दौरान शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए बेस्ट फैकल्टी अवार्ड की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है| बेस्ट फैकल्टी अवार्ड की शर्तों के निर्धारण के लिए एक समिति का गठन किया जायेगा।

-बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी सत्र से पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक ओरिएन्टेशन प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा। इस प्रोग्राम में प्रतिभाग कर शोध छात्र-छात्राएं विवि की कार्य प्रणाली एवं विवि में शोध के लिए उपलब्ध आवश्यक संसाधनों एवं योजनाओं से परिचित हो सकेंगे।

- यूनिवर्सिटी ने शोध एवं नवाचारों के लिए अपने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए पेटेंट ग्रांट की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत पेटेंट के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्रा एवं शिक्षकों को आवेदन शुल्क रुपए 40 हजार विवि द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसको पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने के लिए प्रथम चरण में 4 लाख रुपए की धनराशि का प्रावधान करना प्रस्तावित है।

- बैठक के दौरान विवि कुलपति प्रो. पाठक ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि यदि वह शिक्षक के साथ शोध पर्यवेक्षक की भी भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं तो उन्हें अपने शोधार्थी के साथ संवाद एवं समन्वयन के लिए समय देना होगा। प्रो. पाठक ने शोध पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया है कि वह शोध से जुड़े मुद्दों पर ढिलाई न बरतें और शोधार्थी के कार्यों का नित मूल्यांकन करते रहें|इसके साथ ही प्रो. पाठक ने शोध छात्रों को बेहतर सुविधाए उपलब्ध कराने के निर्देश उपस्थित अधिष्ठाताओं को दिए।

- फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर में अगले सत्र से मास्टर आफ प्लानिंग का पाठ्यक्रम प्रारम्भ होगा जिसकी इनटेक 20 की होगी। सेंटर आफ एडवांस स्टडीज में मेकाट्रोनिक्स एवं नैनो टेक्नोलॉजी के नये कोर्स शुरू होंगे।

- डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के संस्थान आईईटी, लखनऊ के केमिकल इन्जीनियारिंग में 23 और 24 मार्च 2018 को एडवांसेस इन केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विषय पर एक वर्कशॉप आयोजित की जा रही है| वर्कशॉप आयोजन का उद्देश्य केमिकल इंजीनियरिंग में हो रहे नए शोध एवं ट्रेंड के विषय पर चर्चा करना रहेगा| इस वर्कशॉप में विभिन्न आईआईटी, एनआईटी से पधारने वाले विशेषज्ञ परिचर्चा करेंगे| वर्कशॉप का संयोजन आईईटी, लखनऊ के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार एवं डा. धनंजय सिंह कर रहे हैं|

शॉर्ट टर्म कोर्स की शुरुआत

- डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में गुरुवार को साइबर सिक्योरिटी पर एक 5 दिवसीय शॉर्ट टर्म कोर्स का शुभारंभ हुआ। इस सॉर्ट टर्म कोर्स का शुभारंभ विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया| इस सॉर्ट टाइम कोर्स आयोजन का उद्देश्य प्रतिभागियों को सायबर सिक्योरिटी और हाकिंग को रोकने सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करना रहेगा| जैसे-जैसे डिजिटलीकरण और इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स का विस्तार हो रहा है वैसे-वैसे सायबर सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा होता जा रहा है| वर्तमान में आतंकवाद और अपराध में टेक्नोलॉजी का दुरपयोग बढ़ता जा रहा है|

सुरक्षित और समन्वयित डिजिटलीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस तरह के शोर्ट टर्म कोर्सों का आयोजन अनिवार्य होता जा रहा है यह सारी बाते विवि के कुलपति प्रो पाठक ने शुभारम्भ सत्र के दौरान कहीं| संस्थान के निदेशक प्रो मनीष गौड़ ने बताया कि आने वाले पांच दिनों में आईटी और सायबर सिक्योरिटी के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ प्रतिभागियों को सुरक्षा और बचाव के उपायों के बारे में जानकरी प्रदान करेंगे| इन विशेषज्ञों में आईआईआईटी, इलाहबाद के सहआचार्य प्रो. अभिषेक वैस, डॉ. त्रिवेणी सिंह एएसपी साइबर क्राइम एसटीएफ, यूपी पुलिस , आईआईटी, कानपुर के निदेशक प्रो. मनिन्द्र अग्रवाल, आईआईटी कानपुर के आचार्य प्रो संदीप शुक्ला, एकेटीयू के डीन पीजी प्रो केवी आर्य आदि विशेषज्ञ शामिल हैं।

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