अयोध्याः विवादित ढांचा ध्वंस मामले पर कोर्ट के फैसले को चुनौती देगा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) ने सीबीआई (CBI) कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट (High Court) जाने का फैसला कर लिया है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 17 Oct 2020, 03:03 PM IST

लखनऊ. बाबरी मस्जिद विध्वंस (Babri Demolition) मामले में सीबीआई कोर्ट (CBI court) ने भले ही सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया हो, लेकिन इन सभी की मुश्किलें अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) ने सीबीआई (CBI) कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट (High Court) जाने का फैसला कर लिया है। बताया जा रहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की वर्चुअल मीटिंग में यह फैसला लिया गया है।

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कोरोना (Coronavirus) संक्रमण के कारण ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोबाइल एप के जरिये मीटिंग की, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद मोहम्मद राबे हसनी नदवी ने की। बैठक में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के आरोपियों के मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले पर आश्चर्य और दुख व्यक्त किया गया। बोर्ड ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सीबीआई कोर्ट के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी।

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सीबीआई की विशेष अदलात ने 28 साल बाद बाबरी विध्वंस केस में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने अपने फैसले में साक्ष्य के अभाव में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया था। हालांकि, उस वक्त भी कोर्ट के फैसले पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

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