अन्ना गोवंश बनेंगे कुपोषण दूर करने का जरिया शुरू हुई ये योजना

इस योजना के तहत कुपोषण ग्रस्त बच्चों के माता-पिता को दुधारू अन्ना गाय दी जाएंगी.

By: Neeraj Patel

Updated: 17 Sep 2020, 02:09 PM IST

चित्रकूट: कुपोषण से ग्रस्त बच्चों को स्वस्थ बनाने हेतु अब अन्ना गोवंश का सहारा लिया जाएगा. इस योजना के तहत कुपोषण ग्रस्त बच्चों के माता-पिता को दुधारू अन्ना गाय दी जाएंगी और उनके पालन पोषण के लिए प्रशासन के स्तर पर प्रोत्साहित भी किया जाएगा. राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जनपद में इसकी शुरुआत भी हो गई है. ऐसे में अन्ना गोवंशों के सार्थक उपयोग की उम्मीद भी बंध गई है. हालांकि ऐसे परिवारों को पशुओं को पालने उनके भरण पोषण हेतु करीब 900 रुपये सम्बंधित परिवारों को दिए जाएंगे. जिले में हजारों की संख्या में गोवंश मौजूद हैं.

अन्ना गोवंश अब अभिशाप की जगह शायद वरदान बन जाएं. जी हां बुन्देलखण्ड में सुरसा का मुंह बन चुकी अन्ना प्रथा कब समाप्त होगी यह तो एक यक्ष प्रश्न बन चुका है लेकिन हाल फिलहाल जो योजना शुरू की गई है उससे इन अन्ना गोवंश की उपयोगिता साबित हो सकती है यदि जिम्मेदारों की संजीदगी कायम रही. इस योजना के तहत कुपोषण से ग्रस्त प्रदेश के नौनिहालों को दुधारू अन्ना गाय पोषित करेंगी. राष्ट्रीय पोषण माह के तहत प्रशासन ने कुपोषण ग्रस्त बच्चों के माता-पिता को दुधारू अन्ना गाय सौंपी. गाय के भरण पोषण हेतु शासन द्वारा 900 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा. ये दुधारू अन्ना गाय कुपोषित बच्चों के परिवारों को उनकी स्वेच्छा से उपलब्ध कराई जा रही हैं. डीएम शेषमणि पांडेय ने बताया कि सरकारी गौशालाओं से दुधारू अन्ना गोवंशों को कुपोषित बच्चों के परिवारों को उनकी स्वेच्छा से दिया जाएगा ताकि पूरा परिवार गौ माता का दूध मिलने से कुपोषण से दूर हो सके.


जिले में हजारों की संख्या में अन्ना गोवंश मौजूद हैं जो किसानों की फसलों खेत खलिहानों के लिए मुसीबत का सबब बन जाती हैं. गौशालाओं के माध्यम से इस समस्या के समाधान का प्रयास तो किया जा रहा है और अब यदि इस नई योजना के तहत परिणाम अच्छे आए तो इस संभावना से शायद इंकार नहीं किया जा सकता कि अन्ना गोवंशों की कीमत भी समझ आएगी लोगों को. हालांकि इनके भरण पोषण हेतु जो 900 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे अभी वे ना काफी ही नजर आते हैं.

Neeraj Patel
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