23 मार्च से लखनऊ में भी अनशन पर बैठेंगे अन्ना हजारे समर्थक

23 मार्च से दिल्ली में अन्ना जी का शुरू होगा सत्याग्रह आन्दोलन

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Published: 13 Mar 2018, 06:53 PM IST

लखनऊ. समाजसेवी अन्ना हजारे लोकपाल व लोकायुक्त की तत्काल नियुक्ति, किसान समस्या और चुनाव सुधार के लिए दिल्ली में 23 मार्च से सत्याग्रह करेंगे। अन्ना के सत्याग्रह को बल देने के लिए लखनऊ में भी अन्ना हजारे जी के समर्थक सत्याग्रह आन्दोलन करेंगे। लखनऊ में अन्ना हजारे आन्दोलन के नेशनल कोर टीम मेम्बर प्रताप चन्द्रा नें ये जानकारी दी। प्रताप चन्द्रा नें कहा कि चुनाव सुधार से ही लोकतंत्र को मुक्त कराना संभव है जिसके तहत ईवीएम मतपत्र पर प्रत्याशी की फोटो को ही चुनाव चिन्ह बनाया जाए जिससे न सिर्फ चुनाव चिन्हों की नीलामी बंद होगी बल्कि प्रत्याशी चुनाव जीतनें के बाद भी जनता के बीच रहनें को बाध्य होगा क्यूंकि आगे भी वोट उसे अपनें चेहरे को पहचान करानें से ही मिलेगा, इससे राजनीतिक भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा।

प्रताप चंद्रा के मुताबिक, नोटा को राईट टू रिजेक्ट की पावर देने और वोटों की गिनती टोटलाईजर मशीन से गिनती हो जिससे लोकतंत्र को प्रभावी बनाया जा सके | चुनावी प्रणाली में सुधार के बिना न तो राजनीतिक भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी और न ही जनहित में कार्य होगा क्यूंकि संविधान में पक्ष और पार्टी न होनें के बावजूद चुनावी खामी के कारण ही जनता की सरकार बनने के बजाये दल की सरकार बनती है इसीलिए सरकारें जनहित के बजाये दलहित में काम करती हैं |


मोदी सरकार ने जनता को ठगा: अन्ना

बीते दिनों लखनऊ आए अन्ना ने कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार जो लोकपाल विधेयक लेकर आई थी, उसे मोदी सरकार ने कमजोर कर दिया। यही कारण है कि वह 23 मार्च से दिल्ली में आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा, 'यह सरकार हर बात पर कहती है कि यह करेंगे, वह करेंगे पर करती कुछ नहीं है। चुनाव के पहले कहा कि 30 दिन में काला धन वापस लाएंगे और सबके अकाउंट में 15 लाख जमा होगा। सबको लगा 15 लाख आएंगे लेकिन कुछ नहीं मिला।

कई सरकार गिरा चुका हूं

अन्ना किसी पहचान के मोहताज नहीं, वह अकेले रहते हैं लेकिन खुद को अकेला कभी नहीं मानते। उनके मुताबिक, जनता ही उनका परिवार है। इसी के दम पर वह सत्ता से लड़ने की क्षमता रखते हैं। अन्ना के मुताबिक, सरकार सिर्फ एक ही चीज से डरती है, वह है गिरने से। उन्होंने कई सरकारें गिराई हैं। महाराष्ट्र में दो बार और पिछली केंद्र सरकार की बुरी हार में उनकी अहम भूमिका रही है। 23 मार्च को फिर वह किसानों और लोकपाल के मसले पर रामलीला मैदान में अनशन पर बैठेंगे। जब तक हल नहीं निकलेगा अनशन चलता रहेगा।'

अबकी कोई नया केजरीवाल नहीं निकलेगा

अन्ना के साथ पिछले आंदोलन में जुड़े लगभग सभी करीबी अब दूर जा चुके हैं। केजरीवाल, सिसौदिया, किरण बेदी तो राजनीति के मैदान में उतर आईं जिसका अन्ना को काफी दुख हुआ। यही कारण है कि अन्ना इस बार हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं। अन्ना के मुताबिक, इस बार वह आंदोलन में शामिल होने वालों से शपथ पत्र भरवाएंगे। इस शपथ पत्र में आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को यह लिखकर देना होगा कि वे कभी राजनीति में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने राजनीति में कदम रखा तो वह उसे कोर्ट में घसीटेंगे। अन्ना के मुताबिक, इस बार कोई केजरीवाल नहीं निकलेगा बल्कि समाधान निकलेगा।

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