जिस वोटबैंक के लिए सपा-कांग्रेस कर रहे हैं गठबंधन, उस पर यह पार्टियां लगा सकती है सेंध

जिस वोटबैंक के लिए सपा-कांग्रेस कर रहे हैं गठबंधन, उस पर यह पार्टियां लगा सकती है सेंध
akhilesh Rahul

| Publish: Jan, 20 2017 01:16:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर जल्द घोषणा हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक लगभग सौ सीटों पर यह गठबंधन हो सकता है।

लखनऊ. सपा-कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर जल्द घोषणा हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक लगभग सौ सीटों पर यह गठबंधन हो सकता है। गुरुवार को सपा नेता किरणमय नंदा ने भी कहा था कि लगभग 300 सीटों पर सपा अपने उम्मीदवार उतारेगी। शुक्रवार को सपा ने अपने 191 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट भी जारी कर दी। इसमें लगभग 50 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट मिला है। वहीं दूसरी तरफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलीमीन (एआईएमआईएम) और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) मुस्लिम वोट बैंक पर नजर लगाए हैं।

गठबंधन में शामिल होने की उम्मीदें टूटने के बाद आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस नेता नहीं चाहते कि मुस्लिम पार्टी राजनीति में उभरे और सत्ता की भागीदार बने। ऐसे में अब आईएमसी यूपी की 100 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।

मेरठ मंडल की 12 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए गए हैं। बरेली-मुरादाबाद की सीटों पर 24 जनवरी तक उम्मीदवार फाइनल कर दिए जाएंगे। वहीं, बरेली की नवाबगंज सीट से मुलायम की लिस्ट में जो साहिला ताहिर शामिल थे, उन्होंने सपा से इस्तीफा देकर आईएमसी का दामन थाम लिया।

अपने विवादित बयानों से चर्चा में आए असदुद्दीन ओवैसी यूपी में सपा, बसपा का खेल बिगाड़ सकते हैं। उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलीमीन ने यूपी चुनाव के लिए बीते दिनों अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 11 नाम हैं जो कि सभी अल्पसंख्यक हैं। ऐसे में वह सपा, बसपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगा सकते हैं।

एआईआईएम के प्रदेश प्रवक्ता शौकत अली के मुताबिक यह लिस्ट पहले दो चरण को ध्यान में रखते हुए की गई है। आने वाले दिनों में इस लिस्ट कई और नाम भी जुड़ेंगे। उनके मुताबिक एआईएमआईएम का सिद्दांत भयमुक्त समाज के लिए संघर्ष करना है जहां दलित मुस्लिम वंचित वर्ग एक साथ वातावरण में सांस ले सके और मुख्यधारा से जुड़ सके।

यूपी में 18 प्रतिशत मुस्लिम


यूपी में लगभग 18 प्रतिशत मुस्लिम हैं। ऐसे में यह वोटबैंक काफी बड़ा माना जाता है। आमतौर पर सपा और कांग्रेस की ओर इस वोट बैंक का रुझान देखा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन की कोशिश में लगे हैंं।

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