मलेरिया व अन्य संचारी रोगों में कमी लाने को आशा-एएनएम को ट्रेनिंग

गड्ढे जहां पानी हों वहां मिट्टी भर दें। कूलर , गमले में पानी इकठ्ठा न होने दें। इन्हें हर सप्ताह खाली कर सुखाएं ।

By: Ritesh Singh

Published: 04 Jan 2021, 08:45 PM IST

लखनऊ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) काकोरी में सोमवार को मलेरिया एवं अन्य संचारी रोगों में कमी लाने के लिए आशा, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डा. पिनाक त्रिपाठी ने मच्छरजनित रोगों के बारे में जानकारी देते हुए कहा- मलेरिया एवं अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए हमें सबसे पहले इस बात पर लोगों को जागरूक करना चाहिए कि वह अपने घर में या घर के आस-पास कहीं पर भी पानी इकठ्ठा न होने दें और गड्ढे जहां पानी हों वहां मिट्टी भर दें। कूलर , गमले में पानी इकठ्ठा न होने दें। इन्हें हर सप्ताह खाली कर सुखाएं ।

पानी की टंकी को ढक कर रखें।जानवर के बाड़ों को घर से दूर रखें ।चूहे - छछूंदरों से बचकर रहें। पीने के लिए इंडिया मार्का -२ हैंडपंप का पानी ही प्रयोग करें । कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखें | घर के आस-पास नियमति रूप से झाड़ियों को साफ करें।बच्चों को जेई (जापानी इन्सिफेलाइटिस) के दो टीके अवश्य लगवाएं।खुले में शौच के लिए न जाएँ, शौचालय का ही उपयोग करें | खाना बनाने व खाने से पहले हाथ अच्छे से धोएं। पूरी आस्तीन के कपड़े पहने । मच्छररोधी उपाय अपनाएँ। घर के दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगायें | उन्होने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों से अपील की कि वह समुदाय में लोगों को इन बातों के बारे में जरूर बताएं तभी हम डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया से मुक्ति पा सकते हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ) शशि भूषण ने बताया- अगर किसी को बुखार आता है तो सबसे पहले सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएँ।झोलाछाप चिकित्सक को नहीं दिखाएं ।तेज बुखार होने पर सामान्य पानी की पट्टी सिर, हाथ पैर एवं पेट पर रखें। बिना डाक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए पानी के साथ ही नारियल पानी, ताजे फलों का रस, शिकंजी, का सेवन करें ।साथ ही एचईओ ने बताया दिमागी बुखार से सभी को सतर्क रहने की जरूरत है ।इसके लक्षणों को पहचानने की जरूरत है और समुदाय को बताने की भी जरूरत है ताकि वह समय पर स्वास्थ्य केंद्र पर जाएँ |

इसके लक्षण हैं-माथे को छूने पर शरीर गर्म होना, पूरे शरीर में लगातार दर्द होना, मिचली आना, उल्टी आना, बेवजह बड़बड़ाना, शरीर में झटके आना और बेहोश हो जाना ऐसे कोई लक्षण दिखने पर 108 पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाएँ और पीड़ित को सरकारी अस्पताल ले जाएँ ।अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 1800 180 5145 पर संपर्क करें या अपने नजदीकी प्राथमिक /सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जानकारी प्राप्त करें। इस अवसर पर मलेरिया निरीक्षक सीमा शुक्ला और बीसीपीएम प्रद्युम्न कुमार मौर्या सहित लगभग 43 सहभागी उपस्थित थे ।

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