उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति का केन्द्र है: विधानसभा अध्यक्ष

भारत के संसदीय लोकतंत्र के विकास में इस क्षेत्र की विशिष्ट भूमिका

लखनऊ , उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन में 7वें राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ भारत प्रक्षेत्र सम्मेलन-2020 को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति का केन्द्र है। भारत के संसदीय लोकतंत्र के विकास में इस क्षेत्र की विशिष्ट भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में बिहार में आयोजित राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ भारत क्षेत्र के छठे सम्मेलन से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में एस0डी0जी0 के क्रियान्वयन पर विधानसभा का विशेष सत्र 02 अक्टूबर, 2019 को आयोजित किया गया था जो 36 घण्टे तक अनवरत चला था।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ भारत क्षेत्र के 7वें सम्मेलन का आयोजित करने का अवसर उत्तर प्रदेश को मिला है। लखनऊ में आयोजित किया जा रहा यह सम्मेलन लोकतंत्र और संसदीय प्रणाली के विकास को नई दिशा प्रदान करने में सफल होगा। यह संघ काफी लम्बे समय से विभिन्न देशों के विधायी सदनों और उनके सदस्यों के बीच परस्पर समझ एवं सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह संघ संसदीय क्षेत्र में रचनात्मक भूमिका का निर्वहन करता है।

हम सब को विश्व संसदीय समाज के सिद्धान्त के निकट लाता है और विश्व की विधायी संस्थाओं को लोककल्याण की दिशा में अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ, राष्ट्रमण्डल देशों में संसदीय लोकतंत्र के प्रस्तावक के रूप में उभरा है।

Ritesh Singh
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