अवध महोत्सव में धर्माचार्य अवध गौरव सम्मान से सम्मानित हुए

अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ अवध महोत्सव विदा हुआ

 

By: Ritesh Singh

Published: 21 Feb 2021, 09:29 PM IST

लखनऊ, प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के तत्वावधान में सेक्टर जे, रेल नगर विस्तार कालोनी, कथा मैदान आशियाना लखनऊ में चल रहा 17 दिवसीय अवध महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों व धर्म संसद के संग अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ विदा हुआ। इस अवसर पर प्रगति पर्यावरण संरक्षण के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और उपाध्यक्ष एन बी सिंह ने आज की 17वीं सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर प्रिया पाल, पवन पाल, अनुराग शाह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा तमाम दर्शक उपस्थित थे।

अवध महोत्सव की 17वीं संध्या में आयोजित धर्म संसद मे प्रगति पर्यावरण संरक्षण के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और उपाध्यक्ष एन बी सिंह ने दैवज्ञ स्वामी प्रद्युम्न प्रिया चार्य महाराज श्री धामअयोध्या, विशिष्ट अतिथि स्वामी हरिनारायणाचार्य महाराज ब्रह्मर्षि वशिष्ठ वेद पीठम श्रीधाम अयोध्या, बाबा आशुतोशाम्बर महाराज दिल्ली, महादेव बाबा सर्वतो भद्र पुजारी परिषद लखनऊ, आचार्य विष्णु प्रमोद महाराज, ब्रह्मऋषि जमदग्नि महाराज, स्वामी देवेशआचार्य जी महाराज विजय राघव मंदिर डेहरी आन सोन, बाबा राम कृष्ण दास जी महाराज श्रीधामअयोध्या, प्रभांशु तिवारी काशी और आचार्य रत्नेश मिश्र लक्ष्मी नारायण मंदिर चक्रतीर्थ नैमिषारण्य को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर अवध गौरव सम्मान से सम्मानित किया। धर्म संसद में सभी धर्माचार्यों ने धर्म के बताये सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए गाय को मां का दर्जा देते हुए उनकी सेवा श्रूषा करने पर बल दिया वहीं पर्यावरण, जल और वायु को स्वचछ रखने का लोगों को संकल्प दिलाया।

संगीत से सजे कार्यक्रम में सुमन प्रजापति व साथी कलाकारों नन्दनी यादव, बबिता यादव ने अपनी सुमधुर आवाज में अरे नागिनिया बनके डसले अवधी लोकगीत से अपने कार्यक्रम की शुरूवात कर लोगों का मन मोहा। इस प्रस्तुति के उपरान्त सुमन व साथी कलाकारों ने पपेर पढ़ाई के चल रहे-बुंदेलखंडी गीत,रंगिला मोरा बलमा-भोजपुरी और दी दी जोगनी बीच अकेली राजस्थानी लोकगीत को सुनाकर श्रोताओं का दिल जीता। इसके अलावा हर्षिता मिश्रा ने अपना स्वतंत्र तबला वादन प्रस्तुत किया। समारोह में अमित श्रीवास्तव ने गंगावतरण नृत्य नाटिका के माध्यम से गंगा नदी के महत्व से अवगत कराया। इसके अलावा बांके बिहारी की देख छटा पर ईशा कटारिया, वंदना वर्मा, नन्दिनी सिंह और आस्था पाण्डेय ने विपिन निगम के निर्देशन में भावपूर्ण अभिनय युक्त नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का रसापान कराया। कार्यक्रम का संचालन सम्पूर्ण शुक्ला और अरविन्द सक्सेना ने किया।

इस दौरान वोकल फाॅर लोकल की अवध महोत्सव में धूम रही। लोगों ने आज रविवार और अवध महोत्सव का आखिरी दिन होने के कारण जमकर खरीदारी भी की। महोत्सव में लोगों ने सहारनपुर के फर्नीचर, खुर्जा की क्राकरी व स्वयं सहायता समूहों के स्टालों पर अचार, पापड, मसालों की खरीदारी की। बच्चों व युवाओं ने झूलों के साथ लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

Show More
Ritesh Singh
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned