क्षय रोग असाध्य नहीं- आनंदीबेन पटेल

कुपोषण दूर करने के हर सम्भव उपाय किये जाय

By: Ritesh Singh

Published: 19 Mar 2021, 08:13 PM IST

लखनऊः उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज उत्तर प्रदेश स्टेट टी0बी0 सेल तथा किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में 17 से 24 मार्च तक ‘टी0बी0 जागरूकता सप्ताह’ के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार का आयोजन किया जाना सराहनीय है। इससे समाज में जागरूकता उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब टी0बी0 रोग को असाध्य रोगों की श्रेणी में गिना जाता था। चिकित्सा विज्ञान ने आज बहुत प्रगति की है और अनुसंधान के फलस्वरूप अब यह बीमारी असाध्य नहीं रह गयी। इसका पूरी तरह से उपचार किया जा सकता है। क्षय रोग फैलने का सबसे बड़ा कारण इस बीमारी के प्रति लोगों में जानकारी का अभाव है।

राज्यपाल ने बताया कि टी0बी0 रोग की गम्भीरता को दृष्टिगत रखते हुए हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2025 तक देश को टी0बी0 मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि सस्टेनेबल डेवलपमेन्ट गोल के अन्तर्गत इस बीमारी को दुनिया से 2030 तक समाप्त किया जाना है। प्रधानमंत्री के 2025 तक के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अगर आप सभी लोग एकजुट हो जायेंगे तो उत्तर प्रदेश में यह लक्ष्य उससे पहले ही पूरा किया जा सकेगा।

राज्यपाल ने आह्वान किया कि प्रशासनिक अधिकारी, शैक्षिक संस्थान, स्वयं सेवी संस्थायें तथा उद्योगपति आदि 18 वर्ष से कम उम्र के क्षय रोग से ग्रसित बच्चों को गोद लें और उनकी विशेष देखभाल करंे ताकि ये बच्चे पूर्णतया रोग मुक्त होकर भविष्य में राष्ट्र के योगदान में अपना पूरा योगदान कर सकें। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक प्रदेश में लगभग 25 हजार से अधिक क्षय रोग से ग्रस्त बच्चों को गोद लिया जा चुका है तथा इनको संस्थाओं एवं अधिकारियों द्वारा पुष्टाहार एवं उनके परिजनों को भावनात्मक एवं सामाजिक सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। इनमें से अब अधिकांश बच्चे स्वस्थ भी हो चुके हैं। इस अवसर पर के0जी0एम0यू0 के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा क्षय रोग से ग्रस्त 22 बच्चों को गोद लिया गया। गोद लिये गये बच्चों ने राज्यपाल ने फल, मिठाई, गुड़, चना आदि वितरित किया।

कुलपति लेफ्टीनेंट जनरल डाॅ0 बिपिन पुरी ने कहा कि देश के 40 प्रतिशत लोगों में क्षय रोग का बैक्टीरिया पाया जाता है लेकिन कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति को ही तीव्र गति से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए हर किसी को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होती है।

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