...तो अयोध्या में मस्जिद की पांच एकड़ जमीन पर दावेदारी करेगा शिया वक्फ बोर्ड, बैठक में लिया गया फैसला

लखनऊ में शिया वक्फ बोर्ड की हुई बैठक, सात में से पांच सदस्य रहे मौजूद

By: Hariom Dwivedi

Published: 27 Nov 2019, 05:53 PM IST

लखनऊ. अयोध्या मामले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक के बाद बुधवार को लखनऊ में शिया वक्फ बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन नहीं दाखिल करने का निर्णय लिया गया। इसमें फैसला लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने जो भी फैसला किया है, वह अंतिम है और राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद प्रकरण के विवाद का अंत है। यह फैसला राष्ट्र के हित में हैं। इसके खिलाफ किसी भी तरह की रिव्यू पिटीशन दाखिल करना बेवजह मामले को तूल देना है। इसके अलावा बोर्ड की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की अपील जोकि वर्ष 1946 में शिया वक्फ बोर्ड द्वारा मुकदमा हारा था, के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 71 साल के बाद लिमिटेशन एक्ट के अंतर्गत देरी से दाखिल होने के कारण खारिज कर दी है, उसके खिलाफ वक्फ बोर्ड रिव्यू पिटीशन फाइल नहीं करेगा। साथ ही बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मना करने पर शिया वक्फ बोर्ड पांच एकड़ जमीन लेने की दावेदारी कर सकता है। बोर्ड की बैठक में कुल सात में से पांच सदस्य उपस्थित थे। इनमें शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी, सदस्य मौलाना आजम हुसैन, एडवोकेट अली हैदर, एडवोकेट अफशां जैदी और अशफाक हुसैन उर्फ जिया और शामिल रहे।

बैठक के बाद जारी प्रेसनोट में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ किसी भी तरह की कोई पुनः याचिका दायर करने से देश के हालात खराब हो सकते हैं। हिंदुस्तान के मुसलमानों ने बहुमत के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार किया है। कहा कि शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की राय से सहमत नहीं है और न ही शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड का अंग है।

...तो 5 एकड़ जमीन पर दावेदारी करेगा शिया वक्फ बोर्ड
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया कि अगर किन्ही कारणों से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट द्वारा मस्जिद के लिए दी गई 5 एकड़ जमीन नहीं लेता है तो विवाद खत्म करने के लिए शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड पांच एकड़ जमीन लेने की दावेदारी कर सकता है। और उसमें जनहित में एक अस्पताल बनाए जाने का प्रस्ताव ला सकता है जो कि समाज के सभी वर्गों के काम आएगा।

सुन्नी वक्फ बोर्ड नहीं फाइल करेगा रिव्यू पिटीशन
लखनऊ में मंगलवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें बहुमत से फैसला लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बोर्ड रिव्यू याचिका फाइल नहीं करेगा। बोर्ड के आठ में से छह सदस्य पुनर्विचार याचिका दायर करने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, मस्जिद के लिए दी जा रही पांच एकड़ जमीन पर कोई सहमति नहीं बन सकी। बोर्ड की अगली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।

दिसंबर में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा मुस्लिम पर्सलन बोर्ड
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड दिसंबर के पहले सप्ताह में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा। बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि अयोध्या मसले पर याचिका दायर करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। दिसंबर के पहले सप्ताह में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाएगी। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में सभी पहलुओं पर विचार के बाद पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला लिया गया है।

Hariom Dwivedi
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