राम मंदिर निर्माण पर बड़ा अपडेट, जानिए कब होगी भूमि पूजन

अयोध्या में रामलला के अस्थायी मंदिर में विराजमान होने के बाद अब मंंदिर के लिए भूमि पूजन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। रामलला को टेंट के गर्भगृह से निकालकर परिसर में ही फाइबर के बने मंदिर में कुटिया के नीचे विराजमान कर दिया गया है। हालांकि कोरोना और लॉकडाउन की वजह से भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

अयोध्या. अयोध्या में रामलला के अस्थायी मंदिर में विराजमान होने के बाद अब मंंदिर के लिए भूमि पूजन को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। रामलला को टेंट के गर्भगृह से निकालकर परिसर में ही फाइबर के बने मंदिर में कुटिया के नीचे विराजमान कर दिया गया है। हालांकि कोरोना और लॉकडाउन की वजह से भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

रामलला के विराजमान होने के बाद अब राममंदिर निर्माण को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। मान जा रहा है कि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो 30 अप्रैल को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपस्थित रहने की उम्मीद है। राम मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन में देश की सभी नदियों का जल लिया जाएगा।

ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन मिश्र ने मीडिया को बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि-पूजन की तिथि तय करने के लिए 4 अप्रैल को अयोध्या में प्रस्तावित बैठक के आयोजन पर संशय है। भूमि पूजन के लिए ट्रस्ट के पास कई शुभ मूहूर्त की तिथियां हैं, जिनमें एक तिथि 30 अप्रेल भी है। 2 अप्रैल को रामनवमी है।

कोलकाता से बनकर आया है मंदिर :- रामलला का अस्थाई मंदिर कोलकाता में बनकर आया है। यह 24315 फीट लंबाई-चौड़ाई का है और फाइबर से बना है। इस मंदिर को बुलेट प्रूफ शीशे से प्रोटेक्ट किया गया है। इसकी स्थापना राम जन्मभूमि परिसर में एक चबूतरे पर हुई है। रामलला इस अस्थाई मंदिर में अपने भाईयों के साथ विराजमान है।

modi Narendra Modi
Show More
Mahendra Pratap Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned