अयोध्या ढांचा विध्वंस केस : 31 अगस्त तक फैसला, कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आडवाणी-उमा और जोशी सहित 32 आरोपितों की गवाही

- सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई के अपने आदेश में हर हाल में 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी करने और फैसला सुनाने का आदेश दिया था

By: Hariom Dwivedi

Published: 28 May 2020, 12:53 PM IST

लखनऊ. अयोध्या ढांचा विध्वंस मामले में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 32 आरोपितों की गवाही दर्ज की जाएगी। इनमें भाजपा नेता व पूर्व गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी शामिल हैं। लखनऊ सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने 28 मई को गवाही की तारीख तय की थी। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीती 8 मई को हर हाल में 31 अगस्त तक सुनवाई पूरी करने और फैसला सुनाने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई अदालत को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करनी चाहिए। साक्ष्य दर्ज करने के लिए वीडियो कन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी है और उसका प्रयोग होना चाहिए। इसके बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव आरके तिवारी को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।

क्या है पूरा मामला
अयोध्या ढांचा विध्वंस मामले में 6 दिसंबर 1992 को थाना राम जन्मभूमि में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सीबाआई ने इस मामले की जांच करते हुए 49 आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोपितों में से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, विनय कटियार, राम विलास वेदांती, चंपत राम बंसल एवं महंत नृत्य गोपाल दास समेत 32 आरोपितों की बचे हैं, जिनकी आज गवाही होनी है।

Hariom Dwivedi
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