मुस्लिम भी करते है हनुमान जी की अराधना, आपकी भी होगी मनोकामना पूरी

मुस्लिम भी करते है हनुमान जी की अराधना, आपकी भी होगी मनोकामना पूरी
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Ruchi Sharma | Updated: 15 May 2017, 12:06:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

मुस्लिम भी करते है हनुमान जी की अराधना, आपकी भी होगी मनोकामना पूरी

लखनऊ. इस साल 16 मई को जेठ माह का पहला बड़ा मंगल है। बड़े मंगल के दिन समूचा शहर बजरंग बली के जयकारों से गूंज उठता है। हनुमान मंदिरों में सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ उमड़ती है। कहते हैं आज के दिन जो कुछ भी भगवान हनुमान जी से जो मांगा जाये वो उसे पूरा कर देते हैं। भगवान शिव के 11 वें अवतार हनुमान जी को अमर रहने का वरदान मिला है। कहते हैं हनुमान जी का जन्मदिन तो दिवाली के एक दिन पहले यानी नरक चतुदर्शी के दिन हुआ था लेकिन उन्हें अमरत्व का वरदान आज मिला था इसी कारण जेठ के मंगल को बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल कहते हैं।

हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हनुमान जयंती

मान्यता है कि इस परंपरा की शुरुआत लगभग 400 वर्ष पूर्व मुगल शासक ने की थी। नवाब मोहमद अली शाह का बेटा एक बार गंभीर रूप से बीमार हुआ। उनकी बेगम रूबिया ने उसका कई जगह इलाज कराया लेकिन वह ठीक नहीं हुआ। उनकी मां ने हनुमान जी से दुआ मांगी जिसके बाद वो ठीक हो गये इसके बाद उनकी मां की आस्था हनुमान जी की में बढ़ गई और उन्होंने लखनऊ के अलीगंज में 1798 में जेठ माह के मंगल में स्थापित करवाया जिसके बाद से वहां बड़ा मंगल आस्था और कौमी एकता का प्रतीक बन गया।

लेखक योगेश प्रवीन बताते हैं कि बड़ा मंगल का मेला अलीगंज के नए महावीर मंदिर के कारण आरंभ हुआ था। इस मंदिर की स्थापना ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल को हुई थी। वह वाजिद अली शाह का दौर था और उन्होंने इस मंदिर की स्थापना और बड़ा मंगल के मेला में महत्वपूर्ण योगदान किया। लेखक योगेश प्रवीन के अनुसार मंदिर के संबंध में आस्था रही है कि यहां जेठ के पहले मंगल को हनुमान प्रकट हुए थे। इस मंदिर का श्री विग्रह स्वयंभू है और ये मूर्ति महंत खासाराम को एक स्वप्न निर्देश से जमीन से प्राप्त हुई थी। इसी कारण यहां बड़े मंगल का मेला शुरू हुआ और धीरे-धीरे व्यापक रूप लेता चला गया।  

ऐसे खुश होंगे संकटमोचन

पंडित जगदीश मिश्र बताते हैं कि मंगलवार को हनुमान जी को राम चोला चढ़ाने वालों का भी कल्याण होता है। मंगलवार के दिन राम चोला चढ़ाने वालों पर हनुमान जी की कृपा दृष्टि हमेशा बनी रहती है। मंगलवार के दिन गरीबों को भोजन कराने, दान देने से भी हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। वे बताते हैं कि संकटमोचन हनुमानजी को प्रसन्न करना है तो कुछ उपाय करने होंगे, जिनसे वीरवर हनुमान आपके सारे संकट हर लेंगे। कहा भी गया है-
प्रेम प्रतीतिह कपि भजै सदा धरै उर ध्यान
तेहि के कारज सकल शुभ सिद्धि करैं हनुमान।

हनुमान चालीसा का पाठ करें

हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्तों के सारे दुःख दूर होते हैं। हनुमानजी के स्मरण मात्र से भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है। हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित महान कृति है। इसे पढ़ने और सुनने से बल बुद्धि और विद्या बढ़ती है।

संकटमोचक हनुमाष्टक

मंगलवार के दिन संकटमोचक हनुमाष्टक का पाठ करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। गोस्वामी तुलसीदास ने कहा है कि- श्री हनुमानाष्टक पढ़ति निसि दिन विष्णु लोक सुगक्षितम्.

सुंदरकांड का पाठ करें

वैसे तो पूरी रामचरितमानस का पाठ मनवांछित फल प्रदान करने वाला है, लेकिन मानना है कि सुंदरकांड के कुछ दोहों का रोजाना पाठ करने से हनुमानजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस कांड में हनुमान का समुद्र लांघना, सीता का पता लगाना, लंका दहन करना, अशोक वाटिका उजाड़ना और भगवान राम को माता सीता का हाल सुनाना आदि वर्णित है।

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