छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर देव्यागिरि ने कराया संकल्प

विकास के लक्ष्य के लिए शिक्षा है साधन

By: Ritesh Singh

Updated: 26 Jun 2020, 05:52 PM IST

लखनऊ, छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मठ मंदिर की महंत देव्यागिरि ने गोमती नगर स्थित समता मूलक चौक पर स्थापित छत्रपति शाहूजी महाराज की प्रतिमा पर शॉल, पुष्प गुच्छ और माल्यार्पण किया। वहां खासतौर से महिला मंडली ने अंतर्राष्टीय नशा निरोधक दिवस पर नशा मुक्ति के प्रति जागरुता लाने का संकल्प भी लिया। दूसरी ओर मनकामेश्वर मठ मंदिर परिसर में जयंती समारोह हुआ। उस में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए छत्रपति शाहूजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।

विकास के लक्ष्य के लिए शिक्षा है साधन

मनकामेश्वर मठ-मंदिर की महंत देव्यागिरि ने बताया कि विकास के लक्ष्य के लिए शिक्षा ही साधन है। यह संदेश है लोक प्रिय छत्रपति शाहूजी महाराज का। उन्होंने बताया कि छत्रपति शाहूजी महाराज मराठा के भोंसले राजवंश के राजा थे। उनका जन्म 26 जून 1874 को हुआ था। वह लोकतांत्रिक के सशक्त पक्षधर और समाज सुधारक थे। उन्होंने विभिन्न जातियों और धर्मों के लिए अलग-अलग छात्रावास स्थापित किए। इसके साथ ही उन्होंने मिस क्लार्क बोर्डिंग स्कूल की स्थापना की और पिछड़ी जातियों के गरीब लेकिन मेधावी छात्रों के लिए कई छात्रवृत्तियां शुरू की थीं। उन्होंने अपने राज्य में सभी के लिए अनिवार्य मुफ्त प्राथमिक शिक्षा पद्यति को अपनाया था। उन्होंने वैदिक स्कूलों की स्थापना की थी। उन्होंने विभिन्न कलाओं को भी प्रोत्साहित किया था।

नशा मुक्ति का संकल्प कराकर बांटे गए तुलसी के पौधे

अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर महंत देव्यागिरि ने नशा मुक्ति के लिए खासतौर से महिलाओं को मंदिर परिसर में ही संकल्प करवाया। उन्होंने बताया कि 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसम्बर, 1987 को इस संदर्भ में लाए गए प्रस्ताव को स्वीकार्य किया था। तब से 'अंतर्राष्ट्रीय नशा और मादक पदार्थ निषेध दिवस' मनाया जा रहा है पर चिंतनीय है कि नशा बढ़ रहा है पर नशाखोरी घट नहीं रही।

इस अवसर पर गोमती, रंजना, नीतू, गुड़िया, प्रियापाल, शालू, गरिमा, कोमल, संतोष, प्रतिला वर्मा, गीता वर्मा, सन्नो, साफिया, साक्षी, मीना, नेहा, रेनू कश्यप, पद्मा, मंजू, काजल सहित अन्य ने संकल्प लिया कि वह खुद तो नशे से दूर रहेंगी ही साथ में अपने परिचितों और नजदीकी लोगों को भी इस दिशा में जागरुक करेंगी।
देव्यागिरि ने बताया कि कोरोना के संकट काल में देश तो अनलॉक हो गया पर अब जनता को नशे से अनलॉक होकर अपने को मुक्त करना है। वास्तव में नशे से शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है जबकि कोरोना से लड़ने के लिए ऐसे पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए। इस दिशा में पहल करते हुए महंत देव्यागिरि की ओर से तुलसी के पौधे भी वितरित किये गए।

Ritesh Singh
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