आरएसएस की करीबी को लखनऊ से बीजेपी ने बनाया महापौर प्रत्याशी

आरएसएस की करीबी को लखनऊ से बीजेपी ने बनाया महापौर प्रत्याशी
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Shatrudhan Gupta | Updated: 05 Nov 2017, 10:56:59 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

भाजपा सरकार के गठन के बाद अगस्त 2017 में संयुक्ता को महिला आयोग का सदस्य भी नामित किया गया था।

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी ने रविवार रात लखनऊ, वाराणसी, अलीगढ़ , मथुरा, झांसी, मुरादाबाद और सहारनपुर के लिए अपने महापौर प्रत्याशियों की घोषणा की दी। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश निकाय निर्वाचन प्रभारी जेपीएस राठौर ने बताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने लखनऊ, वाराणसी, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, मुरादाबाद और सहारनपुर के महापौर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची के मुताबिक लखनऊ से संयुक्ता भाटिया, वाराणसी से पूर्व सांसद शंकर प्रसाद जायसवाल की पुत्रवधु मृदुला जायसवाल, अलीगढ़ से डॉ. राजीव अग्रवाल, मथुरा डॉ. मुकेश आर्य बंधु, झांसी रामतीर्थ सिंंहल, मुरादाबाद विनोद अग्रवाल और सहारनपुर से संजीव वालिया को मेयर उम्मीदवार बनाया गया है। मालूम हो कि संयुक्ता भाटिया आरएसएस की करीबी बताई जाती हैं। उनका परिवार संघ से जुड़ा हुआ है।

नामों को लेकर काफी मशक्कत

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इन नगर निगमों के महापौर प्रत्याशियों को लेकर पार्टी कार्यालय में दिन भर मशक्कत चली। एक नाम पर सहमति बनाने को लेकर सभी प्रदेश पदाधिकारियों व जिला पदाधिकारियों के बीच मंथन चली। इसके बाद ही यह लिस्ट जारी की गई।

कौन हैं संयुक्ता भटिया

लखनऊ से भाजपा की मेयर प्रत्याशी संयुक्ता भाटिया के परिवार की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी रही है। उनके पति सतीश भाटिया लखनऊ कैंट से भाजपा विधायक रहे हैं। पहली बार उन्होंने ही इस सीट पर भाजपा को जीत 1991 में जीत दिलाई थी। संयुक्त के बेटे प्रशांत भाटिया राष्ट्रीय स्वयं संघ के विभाग कार्यवाह (लखनऊ विभाग) हैं। चुनाव की घोषणा से पहले हुए इंटरव्यू के दौरान 80 फीसदी वॉर्ड संयोजकों और प्रभारियों ने उनके पक्ष में समर्थन दिया था। इसके अलावा सूबे में भाजपा सरकार के गठन के बाद अगस्त 2017 में संयुक्ता को महिला आयोग का सदस्य भी नामित किया गया था। संयुक्ता की आरएसएस में अच्छी पकड़ मानी जाती है। कहा जा रहा है कि पार्षद उम्मीदवारों के चयन में आरएसएस की खास नहीं चली, इसलिए मेयर पद को लेकर भाजपा पर संयुक्ता के नाम को लेकर खासा दबाव था।

वाराणसी महापौर के लिए कई दावेदार थे

सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के महापौर के नाम को लेकर पार्टी ने काफी मंथन की। इसके बाद वाराणसी लोकसभा सीट से दो बार के सांसद रहे स्व. शंकर प्रसाद जायसवाल की पुत्रवधु मृदुला जायसवाल पर सभी की सहमति बनी। सूत्रों की मानें तो वाराणसी महापौर के लिए कई दावेदार थे, पर एक पर सहमति नहीं बन पा रही थी। इसलिए पार्टी ने ऐसे उम्मीदवार का नाम चयन किया है, जिसका विरोध करना पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए संभव नहीं होगा। क्योंकि, शंकर प्रसाद जायसवाल के परिवार की छवि वाराणसी और पार्टी में अच्छी है।

 

 

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