नगर निगम व 2019 जीतने के लिए भाजपा ने इन्हें सौंपी जिम्मेदारी!

shatrughan gupta

Publish: Sep, 16 2017 07:35:34 (IST) | Updated: Sep, 16 2017 07:35:35 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
नगर निगम व 2019 जीतने के लिए भाजपा ने इन्हें सौंपी जिम्मेदारी!

2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश में होने वाली नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है।

लखनऊ. 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश में होने वाली नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। इन दोनों चुनावों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदरखाने मंथन शुरू हो गया है कि लोकसभा में कैसे प्रदेश की 80 की 80 सीटें जीतीं जाए और नगर निगम में सभी निगम पर पार्टी का कब्जा हो। पार्टी ने इसके लिए संगठन और क्षेत्र को मजबूती देने वाले कार्यकर्ताओं की अलग टीम बनाई है, जो प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने के गुर सिखाएंगे। इन कार्यकर्ताओं की बकायदा ट्रेनिंग होगी। इसके बाद इन्हें क्षेत्र में भेजा जाएगा।

बताते चलें कि अभी करीब सवा सौ विस्तारकों को ट्रेनिंग के बाद क्षेत्र में भेजा जा चुका है। पार्टी का लक्ष्य इस संख्या को लगभग 400 तक पहुंचाने की है। भाजपा के रणनीतिकार प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं के बीच से ऐसे युवकों की टीम बनाने में जुटे हैं, जो संगठन द्वारा तय स्थान पर 24 घंटे रुककर पार्टी को मजबूत बनाने का काम कर सकें, जिन्हें जनसंघ से लेकर भाजपा तक का इतिहास, नीति, उद्देश्य और वैचारिक धारा के पीछे के तर्क व तथ्य मालूम हों, ताकि वे भाजपा के बारे में लोगों के सवालों का अच्छे से जवाब दे सकें। इन कार्यकर्ताओं को विस्तारक नाम दिया गया है। इनकी भूमिका स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी की अलग-अलग कमेटियों के पदाधिकारियों तथा प्रदेश नेतृत्व के बीच सेतु का काम करना है। साथ ही बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच परस्पर समन्वय स्थापित करना है।

इन कामों की जिम्मेदारी
पार्टी सूत्र बताते हैं कि विस्तारकों को पहले ही हिदायत दी जा चुकी है कि उन्हें पार्टी के स्थानीय लोगों से समन्वय बनाकर काम करना है। वहां काम कर रहे पार्टी पदाधिकारियों और अन्य कार्यकर्ताओं के समानांतर अपनी सत्ता स्थापित नहीं करनी है। चुनाव में टिकटों के बंटवारे में भी अपनी राय नहीं रखनी है। विस्तारकों को बूथवार जातीय और राजनीतिक समीकरणों का फीडबैक जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हें लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा और विपक्षी पार्टियों को मिले वोटों का ब्योरा, समीकरण, भाजपा को कम वोट मिलने का कारण, प्रभावी लोगों की राजनीतिक स्थिति, भाजपा के विस्तार की संभावनाएं आदि के बारे में जानकारी जुटानी है। सूत्र बताते हैं कि अभी करीब डेढ़ सौ से अधिक विस्तारकों को ट्रेनिंग दी गई है। उन्हें जल्द ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भेजा जाएगा, जहां वे टीम को मजबूती प्रदान करेंगे।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned