भाजपा को तलाश है एक अदद प्रदेश अध्यक्ष की

- इसी महीने हो सकता है नये प्रदेश के नाम का ऐलान- मजबूत ब्राहमण चेहरे के नाम पर लक्ष्मी नारायण को मिल सकती है जिम्मेदारी

By: Anil Ankur

Published: 08 Jul 2017, 01:06 PM IST


लखनऊ। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पद की तलाश भाजपा हाई कमान कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि यूपी बीजेपी अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस अब जल्द ही खत्म होने वाला है। माना जा रहा है कि नये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जुलाई या फिर अगस्त के पहले सप्ताह तक हो सकती है। भाजपा इस बार किसी मजबूत ब्राहमण चेहरे को ये जिम्मेदार सौंपी सकती है। इसके लिए सबसे मजबूत दावेदारों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी का नाम सबसे ऊपर आता है।  हालांकि प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में बाजपेयी के अलावा पूर्वं प्रदेश अध्यक्ष रमापति त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष व सांसद शिवप्रताप शुक्ला,  विनय कटियार, प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर  पाठक आदि नेता भी शामिल हंै।

सूत्रों की माने तो भाजपा सोशल इंजीनियरिंग के तहत यूपी से राष्ट्रपति के लिए दलित चेहरा आने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी ब्राहमण को दे सकती है। इसके अलावा रायबरेली में हुई घटना के बाद से इस समाज में फैली नाराजगी को भी दूर करने के लिए भी भाजपा ये फैसला ले सकती है।

मौजूदा वक्त में प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य सरकार में डिप्टी सीएम के रूप में बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे है। जिसके चलते उनके पास समय का अभाव है। जिससे सरकार और संगठन के बीच समन्वय बनाने में कठिनाइयां सामने आ रही है। सूत्रों ने ये भी दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा जुलाई में नये प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा और नये यूपी अध्यक्ष के नेतृत्व में ही स्थानीय निकाय के चुनाव लड़े जाएंगे। पंचायत के उप चुनाव में भी प्रदेश अध्यक्ष की अहम भूमिका होगी।

श्री बाजपेयी की दावेदारी इसलिए भी मजबूत मानी जा रह है क्योंकि वे ऐसे वक्त में चुनाव जीतते रहे हैं जब भाजपा की कम सीटें यूपी में आती थीं। इसीलिए कहा जा रहा है कि भाजपा अगर किसी ब्राहमण चेहरे को ये जिम्मेदारी सौंपती है, तो उसके लिए सबसे मजबूत दावेदारों में पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी का नाम सबसे पहले आता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 80 लोकसभा की सीटों में से 73 सीटें हासिल की थी। उस समय यूपी बीजेपी के प्रभारी भाजपा के वतज़्मान राष्ट:ीय अध्यक्ष अमित शाह थे। भाजपा के इन दोनों नेताओं की रणनीति के चलते 2014 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदशज़्न दोहराया था। इसके अलावा बाजपेयी ने विधायक व प्रदेश अध्यक्ष रहते सदन से लेकर सड़क तक तत्कालीन सपा के खिलाफ जमकर हल्ला बोला था। लक्ष्मी कांत बाजपेयी ने यादव सिंह के भ्रष्टाचार को भी सामने लाया गया था। ये उन्हीं की मेहनत का परिणाम था कि भ्रष्टाचार के आरोपी यादव सिंह आज भी जेल में हैं। अब उस मेहनत का फल उन्हें मिलने की संभावना प्रबल होती दिख रही है।

BJP
Anil Ankur Desk/Reporting
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