इस बीजेपी नेत्री ने सपा को दी थी करारी शिकस्त, आज अपनी ही पार्टी के खिलाफ किया बड़ा ऐलान

बीजेपी में टिकट को लेकर बागावती सुर तेज, सपा को हराने वाली बीजेपी नेत्री ने पार्टी खिलाफ भरा पर्चा।

By: Dhirendra Singh

Published: 10 Nov 2017, 04:21 PM IST

लखीमपुरखीरी. जैसे-जैसे निकाय चुनाव नजदीक आ जा रहा है, वैसे-वैसे चुनाव और भी दिलचस्प होता जा रहा है। अभी तक अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पार्टी से टिकट को लेकर परेशान थे। अब जब टिकट फाइनल हुआ। तो टिकट न मिलने से नाराज अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के बागी तेवर दखने को मिल रहे है। कुछ इसी प्रकार का हाल लखीमपुर नगर पालिका सीट का है। यह भाजपा से टिकट मागने वालो की लाइन तो लंबी थी। लेकिन टिकट न मिलने पर बीजेपी से संभावित मेयर प्रत्याशी पद की महिला दावेदार ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पार्टी ने नहीं दिया जीत का इनाम

लखीमपुरखीरी में सबसे ज्यादा प्रबल दावेदारों में निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष डॉ इरा श्रीवास्तव और डॉ सतीश कौशल बाजपेई की पत्नी निरूपमा बाजपेई थी। लेकिन पार्टी ने बहुत ही गहन अध्यन के बाद निरूपमा बाजपेई को लखीमपुर से भाजपा का प्रत्याशी घोषित किया। तो निवर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष डॉ इरा श्रीवास्तव को यह रास नहीं आया और बगावत करते हुऐ नामांकन के आखिरी दिन बीजेपी यानी पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन कर दिया। आप को बता दें कि सपा सरकार में नगर पालिका लखीमपुर में भारी बहुमत के साथ भाजपा को जीत दिलाने वाली डा. इरा श्रीवास्तव को जब लखनऊ से निराशा मिली तो उन्होंने अपने जनसमर्थन का हवाला देते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसकी जानकारी उन्होंने एक प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों को दी। प्रेसवार्ता के दौरान निवर्तमान पालिकाध्यक्षा डा. इरा श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें पार्टी से ऐसी उम्मीद नहीं थी। क्योंकि उन्होंने नगर पालिका में भारी बहुमत के साथ उस वक्त पार्टी की जीत सुनिश्चित की थी। जब भाजपा जनसमर्थन जुटा रही थी। इसी को देखते हुए कई शीर्ष नेताओं ने उन्हें इस बार भी पार्टी के बैनर तले ही चुनाव लड़ाने का भी वादा किया था। 2019 के बाद मोदी लहर के चलते पार्टी केंद्र समेत राज्य सरकार में भी अपना परचम लहराने लगी। जिसके बाद पार्टी सहित बाहरी दावेदारों ने भी भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी ठोंक दी। ऐसे में भी पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा उनकी भारी बहुमत से हुई जीत की बात को कहते हुए उन्हें ही टिकट मिलने का वादा भी किया। लेकिन इसके बावजूद लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों की कई दिन की मशक्कत के बाद उन्हें वहां से निराशा हाथ लगी।

उन्होंने अपने साथ भारी जनसमर्थन की बात कहते हुए कहा कि इस लिये उनका निर्दलीय चुनाव लड़ना का फैसला किया था। नगर पालिका क्षेत्र की जनता उनके साथ है। यही कारण है कि उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया। हालांकि उन्होंने पार्टी की सदस्यता छोड़ने के सवाल पर कोई भी टीका-टिप्पणी नहीं की।

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