सरकारी नौकरियों में धांधली को लेकर बीजेपी ने साधा अखिलेश-माया पर निशाना

सरकारी नौकरियों में धांधली को लेकर बीजेपी ने साधा अखिलेश-माया पर निशाना

Prashant Srivastava | Publish: Jul, 13 2018 06:39:01 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सरकारी नौकरियों में धांधली को लेकर बीजेपी ने कहा है कि बसपा और सपा के शासनकाल में सरकारी नौकरियों का जमकर सौदा किया गया।

लखनऊ. सरकारी नौकरियों में धांधली को लेकर बीजेपी ने कहा है कि बसपा और सपा के शासनकाल में सरकारी नौकरियों का जमकर सौदा किया गया। जो नौकरियां योग्य युवाओं के लिए थीं उन्हें अपात्र लोगों को बेच दिया गया। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में सुश्री मायावती और अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल के दौरान हुई भर्तियों में गड़बडियों के खुलासे से इन नेताओं की भ्रष्टाचार से अपनी तिजोरी भरने की मानसिकता को पुष्ट करता है।


प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डॉ.चन्द्रमोहन ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने के मामले में मायावती और अखिलेश यादव की सोच एक जैसी ही है। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की वर्ष 2011, 2013 व 2016 में प्रवक्ता एवं स्नातक शिक्षक (टीजीटी-पीजीटी) के ऐसे विषयों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हुई जो विषय प्रदेश के माध्यमिक कालेजों में पढ़ाए ही नहीं जाते हैं। सपा शासनकाल के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग की भर्तियों में चल रही सीबीआइ जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं जिससे पता चलता है कि पूर्ववर्ती अखिलेश यादव की सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए थे।

प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन ने कहा कि सपा और बसपा के शासनकाल में शायद ही कोई ऐसी भर्ती प्रक्रिया हो जो साफ-सुथरे ढंग से पूरी की गई हो। यही वजह रही कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली ये दोनों पार्टियां राजनीति में हाशिए पर पहुंच गई हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से नए सिरे से चयन संस्थाओं का गठन किया गया है। ईमानदार और साफ-सुथरी छवि वाले लोगों को इन चयन संस्थाओं का अध्यक्ष और सदस्य बनाया गया है।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में भाजपा सरकार किसी को भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की छूट नहीं देने वाली। सरकार ने चयन संस्थाओं की भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े उपाय किए हैं। इससे योग्य युवाओं का हक अब कोई नहीं छीन सकता।

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