पिछड़ों को साधने के लिए बीजेपी का नया दांव, केशव प्रसाद मौर्य को करेगी आगे

पिछड़ों को साधने के लिए बीजेपी का नया दांव, केशव प्रसाद मौर्य को करेगी आगे

By: Ruchi Sharma

Published: 24 Jul 2018, 11:42 AM IST

लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी इस बार पूरी तरह पिछड़े दलित और अति पिछड़े ओबीसी वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके चलते बीजेपी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चेहरे को समाने रखा है। लोकसभा चुनाव 2019 में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सामने पिछड़े वर्ग को ही जोड़ने की सबसे बड़ी चुनौती होंगी। पार्टी ने फैसला किया है कि केशव प्रसाद मौर्य की अगुआई में अगस्त में पिछड़ा वर्ग के सम्मेलन होंगे। पिछड़े वर्ग की जातियों के साथ बैठकें होंगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर पिछड़े वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ा जाएगा। पिछड़ा वर्ग के जिन मतदाताअों का नाम मतदाता सूची में अाने से छूट गया है उन्हें चुनाव आयोग के जारी मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत सूची में जुड़वाया जाएगा।

सोमवार को हुई बैठक

भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकरियों व वरिष्ठ नेताओं की बैठक सोमवार की शाम पार्टी मुख्यालय पर सम्पन्न हुई। बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल समेत सरकार में पिछड़ा वर्ग से आने वाले कई मंत्री व प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे।


बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा आम जनता के हितों को लेकर चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी निचले स्तर तक ले जाने का आग्रह किया। कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास की नीति पर काम करते हुए समाज के सभी वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं एवं कार्यक्रम चला रही है। जिसका बड़ी संख्या में समाज विभिन्न वर्गो को लाभ भी मिला है।

उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों तक सरकार के कामों को पहुंचाना और उनमें सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता पैदा करने का काम करना चाहिए

कोइरी और कुर्मी जातियों में अच्छी पकड़

केशव प्रसाद मौर्य के द्वारा बीजेपी की पकड़ ओबीसी वोट बैंक पर सधती हुई दिख रही है। बता दें केशव मौर्य खुद पिछड़े वर्ग से आते हैं और अपने क्षेत्र में खासा प्रभाव भी रखते हैं। उनसे जुड़े लोग बताते हैं कि कोइरी और कुर्मी जातियों में उनका अच्छा प्रभाव है। यूपी की जातीय सियासत के बीच हर जाती के अपने नेता हैं।


ये लोग थे शामिल

बैठक में प्रदेश महामंत्री एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रभारी विजय बहादुर पाठक, प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद राजेश वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल वर्मा, जसवंत सैनी, प्रदेश मंत्री अमर पाल मौर्य, देवेन्द्र सिंह व कौशलेन्द्र सिंह पटेल पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। इसके साथ ही राज्य सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह, मुकुट बिहारी वर्मा, स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान, एसपी सिंह बघेल, चौधरी लक्ष्मी नारायण, अनिल राजभर, धर्म सिंह सैनी, राज्यमंत्री संदीप सिंह, जय प्रकाश निषाद, भूपेन्द्र सिंह चौधरी, बलदेव सिंह ओलख, गिरीश यादव, बाबूराम निषाद, प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा राजा वर्मा, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष यदुवंश, ब्रज बहादुर, प्रकाश पाल सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी व पार्टी नेता सम्मलित हुए।

Ruchi Sharma
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