हिंदुओं को रिझाने में जुटी योगी सरकार, अब राम मंदिर नहीं इन धार्मिक स्थलों पर फोकस

अगले आम चुनाव से पहले बीजेपी धार्मिक पर्यटन के सहारे अपनी पैठ मजबूत रखने में जुट गई है।

By:

Published: 07 Jun 2018, 04:16 PM IST

लखनऊ. अगले आम चुनाव से पहले बीजेपी धार्मिक पर्यटन के सहारे अपनी पैठ मजबूत रखने में जुट गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए धार्मिक पर्यटन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। राम मंदिर का मामला तो कोर्ट में है लेकिन अन्य धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर सरकार करोड़ों खर्च करने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पिछली कैबिनेट बैठक में ब्रजभूमि में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। इससे पहले वाराणसी में रविदास जन्मस्थली और मगहर में संत कबीर अंतर्राष्ट्रीय शोध केंद्र बनाने का फैसला लिया गया।

 

रविदास जन्मस्थली बनेगी तीर्थ धरोहर

बनारस में सीएम योगी ने रविदास जन्मस्थली को तीर्थ धरोहर के रूप में विकसित करने की बात कही थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप जन्मस्थली के विस्तारीकरण व सुंदरीकरण के लिए विकास प्राधिकरण ने प्रस्तावित क्षेत्र चिह्नित कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। जमीन का डिजिटल मैप भी प्रशासन को दिया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा पाथवे बनाने संग संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धन स्थित मंदिर के भी विस्तार की तैयारी है। योगी सरकार की पहल पर जन्मस्थली को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तरह विकसित किया जाएगा। इसके लिए 113 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी तो 100 से ज्यादा भवनों का अधिग्रहण किया जाएगा।

500 करोड़ का खर्च

मिली जानकारी के मुताबिक, रविदास जन्मस्थली विस्तारीकरण योजना का प्रारूप जल्द शासन को भेजा जाएगा। अधिग्रहण किए जाने वाले भवनों व जमीन का सर्वे तहसील प्रशासन करेगा। प्रॉजेक्ट की लागत अभी तय नहीं हो सकी है। अनुमान है कि 500 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे।


मगहर में बनेगा संत कबीर अंतर्राष्ट्रीय शोध केंद्र

संत कबीरनगर जिले में स्थित संत कबीर के निर्वाण स्थल मगहर में जल्द ही एक अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान बनाया जाएगा। इस पर कुल 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रधानमंत्री इस महीने के अंत तक मगहर में इसका शिलान्यास करेंगे। शासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि संत कबीर की स्मृतियों को देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से यह कवायद शुरू की गई है। प्रयास यही है कि कबीर की स्मृतियों को एक अकादमी में संरक्षित किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक उससे अवगत हो सकें। संत कबीरनगर के मगहर में बनने वाली यह अकादमी संत कबीर के जीवन दर्शन पर केंद्रित होगी। राज्य पुरातत्व विभाग की देखरेख में 17 एकड़ में इसका निर्माण कराया जाएगा।

ब्रजभूमि में शराब बैन

एक फैसले के तहत सरकार ने ब्रजभूमि में शराब की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। मथुरा जिले के बरसाना, नंदगांव, बलदेव, गोकुल, गोवर्धन और राधाकुंड में शराब की बिक्री पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी है. इसके अलावा सरकार ने 340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए नए सिरे से निविदा मंगाने का फैसला लिया है। सरकार के प्रवक्ता का कहना है लोगों की मांग को देखते हुए यूपी सरकार ने ब्रजभूमि में शराब की बिक्री पर रोक लगाने का कदम उठाया है।

धार्मिक स्थलों पर फोकस

प्रदेश सरकार ने नई पर्यटन नीति-2018 के तहत रामायण सर्किट, कृष्णा सर्किट, सूफी सर्किट, बौद्ध सर्किट, बुंदेलखंड सर्किट, जैन सर्किट के लिए करोड़ों रुपए का प्रावधान किया । यही नहीं अयोध्या की दीपावली, बरसाना की होली, काशी की देव-दीपावली जैसे सांस्कृतिक झांकियों को भी सरकार ने खासी तरजीह दी है।

विपक्ष की राय


यदि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है तो इससे किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन सभी धर्मों को ध्यान में रखते हुए ये विकास होना चाहिए जैसे समाजवादी सरकार ने किया था। योगी सरकार को संवैधिक मूल्यों के आधार पर चलना चाहिए। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ जो संकल्प पत्र में वादे किए थे..उस तरफ भी ध्यान देना चाहिए। बच्चों को अच्छी शिक्षा कैसे मिलेगी, बेरोजगारी कैसे दूर होगी इस पर भी फोकस करना चाहिए।

-डॉ.अब्दुल हफीज़ गांधी, प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी

इसमें जुमलेबाजी ज्यादा है। धार्मिक आधार पर देखें, तो राम मंदिर हमेशा ही बीजेपी का अहम मुद्दा रहा है लेकिन अभी तक बीजेपी कुछ नहीं कर पाई। बनारस में मंदिर तोड़े जाने की खबरें आई थीं, वहां कैसा धार्मिक स्थलों का विकास ये सरकार कर रही है। कांग्रेस ने भी धार्मिक विकास खूब किया है लेकिन कभी किसी धर्म में फर्क नहीं किया। दूसरी तरफ युवाओं और किसानों का भी ध्यान रखा ।

-अंशु अवस्थी, प्रवक्ता, कांग्रेस

 

Ram Mandir
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned