माया के ये 7 BOUNCER, क्या झेल पाएंगे विरोधी ?

   माया के ये 7 BOUNCER, क्या झेल पाएंगे विरोधी ?
maywati bsp

अब तक की सभी अारोपों पर मायावती ने खुल कर दिया जवाब

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2017 विधान सभा का चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टियों में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलने लगा है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने आज सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के गढ़ आज़मगढ़ में महारैली के जरिए पूर्वांचल में चुनावी प्रचार का बिगुल फूंका दिया है। इसी के चलते अपनी रैली में उन्होंने अपने विरोधी दल कांग्रेस, बीजेपी और सपा समेत सभी पर जमकर आरोप लगाए। आइए जानते हैं कि मायावती किन- किन बड़े नेताअों अौर पार्टियों में आरोप लगा चुकी है।

1. BSP के रिजेक्टेड माल को वफादारी का पट्टा पहनाते हैं अमित शाह


amit shah

मायावती ने आज आजमगढ़ में अपनी महारैली में अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि  मायावती ने कहा कि BSP के रिजेक्टेड माल को वफादारी का पट्टा पहनाते हैं बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह। इस रैली के दौरान उन्होंने कि दो साल में केंद्र सरकार ने आखिर किया क्या है? दो साल में पूर्वांचल के लोगों का भला हुआ क्या? क्या आज गरीबों को सस्ता अनाज मिल रहा है? उन्होंने कहा कि बिजली पानी और स्वास्थ्य सेवाओं के वादे झूठे निकले। उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी और सपा की मिलीभगत है। यदि कांग्रेस सत्ता से बाहर है तो इसलिए क्योंकि उसकी नीतियां ग़लत रहीं।


2. मोदी पर भी लगाए ये गम्भीर आरोप

मायावती ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। मोदी सरकार पर प्रश्न करते हुए पूछा कि क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है? क्या यहां के कारखाने शुरू हुए हो गए हैं। गोरखपुर में बंद पड़े कारखाने मोदी सरकार अब याद आए, जब चुनाव में सिर्फ कुछ महीने बाकी है। मायावती ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। इन्होंने अपने वायदों के मुताबिक दस प्रतिशत भी काम नहीं किए हैं।

बसपा सुप्रीमो ने पीएम नरेंद्र मोदी पर धन्नासेठों के लिए काम करने के लिए आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार आसानी से पूंजीपतियों के कर्ज माफ कर देती है। दूसरी ओर छोटे किसानों को इतना परेशान किया जाता है कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हो जाते हैं। इसके लिए मायावती ने कांग्रेस के साथ बीजेपी को भी जिम्मेदार ठहराया। बसपा सुप्रीमो ने केंद्र सरकार पर आरएसएस के एजेंडे पर चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अपने महत्वपूर्ण मंत्रालयों के काम को पाइवेट कंपनियों को दे दिया है। इससे दलितों और पिछड़ों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।रोहित वेमुला और ऊना दलित कांड का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि दलितों का उत्पीड़न लगातार बढ़ता जा रहा है। कमजोर वर्गों के लोग नरेंद्र मोदी से सहानुभूति और वादे नहीं चाहते हैं। बल्कि सम्मान और बराबरी चाहते हैं, जोकि 70 बरसों से भी नहीं मिली हैं।

3 . टिकट के लिए करोड़ों दे रहे थे अखिलेश दास

mayawati

बसपा अध्यक्ष मायावती ने एक प्रेस वार्ता में डॉ. अखिलेश दास पर आरोप लगाते हुए कहा था कि राज्यसभा का टिकट दोबारा हासिल करने के लिए वो करोड़ों रुपये देने की पेशकश कर रहे थे। मायावती ने कहा था कि अखिलेश 200 करोड़ रुपये देते तो भी उन्हें दोबारा नहीं भेजती।

4. सपा-भाजपा पर लगाया था दंगा कराने का आरोप

mayawati

मायावती ने भाजपा अौर सपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा के एक विधायक और सपा के एक नेता द्वारा चुनाव से पहले दंगा कराने का षडयंत्र रचने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा था कि चुनाव से पहले दोनों पार्टी मुजफ्फरनगर में साम्प्रदायिक दंगा कराना चाहती हैं ताकि उसकी आग पूरे प्रदेश में फैले और उसका सियासी फायदा चुनाव में उठा सकें।

5. क्या सपा सरकार दुष्कर्म जैसी घटनाओं को भी पैसे से ही तौलेगी

mayawati

बुलंदशहर में कुछ बदमाशों द्वारा एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के मामले में मायावती ने अखिलेश सरकार में लचर कानून व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में भी जबरदस्त जातिवाद फैल गया है जिसके कारण पुलिस भी जाति विशेष के लोगों पर कार्रवाई नहीं करती है। इसका सीधा सा परिणाम यह हुआ है कि अपराधियों के हौंसले बुलन्द हो गए है और पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अपराधियों पर लगाम लगाने में असफल साबित हुआ है।

6. मायावती ने सपा पर लगाया परिवारवाद का आरोप

mayawati

 बसपा मुखिया मायावती के परिवारवाद सम्बन्धी आरोपों पर मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने चुटकी लेते हुए कहा था कि ‘‘मैंने हर पत्रकार साथी से कहा है कि जब भी उनका (मायावती) नाम लिया करो तो बड़े सम्मान से बुआ जी कहा करो। उन्होंने सपा में बच्चों के बच्चे और फिर उनके बच्चों के बच्चे के राजनीति करने की बात कही है। हमारे बच्चे तो बहुत छोटे हैं। उनके इस स्थिति में आने में अभी 12-15 साल लगेंगे। तब तक क्या परिवर्तन होगा, कौन जाने।’’

7. भाजपा शासन में दलितों पर अत्याचार बढ़ा 

जब मायावती गुजरात के ऊना दलितों के जख्मों पर मरहम लगाने गई थी तो उस दौरान  मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढी हैं। 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned