अमौसी एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ बांग्लादेशी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

अमौसी एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ बांग्लादेशी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
अमौसी एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ बांग्लादेशी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

Neeraj Patel | Updated: 06 Oct 2019, 10:30:32 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने जांच के दौरान पश्चिम बंगाल में बने फर्जी पासपोर्ट से एक बांग्लादेशी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

लखनऊ. राजधानी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने जांच के दौरान पश्चिम बंगाल में बने फर्जी पासपोर्ट से एक बांग्लादेशी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि यह बांग्लादेशी व्यक्ति भारत से कुवैत और फिर शारजाह पहुंच गया। शारजाह से जब वह शनिवार सुबह कोलकाता जाने के क्रम में लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान से उतरा तो यहां ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को उसका पासपोर्ट देखकर शक हुआ। जिसको लेकर जब उससे पूछताछ तो उसने बताया कि वह बांग्लादेशी है। इसका बाद ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन की टीम ने उसे सरोजनीनगर पुलिस के हवाले कर दिया जहां पर उससे पूछताछ की जा रही है।

ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के अनुसार बताया जा रहा है कि इंडिगो एयरलाइन का विमान 6ई-1412 शनिवार सुबह 9:13 बजे शारजाह से लखनऊ आया था। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन की टीम इस विमान से आए यात्रियों के दस्तावेजों की जांच कर रही थी। इस दौरान काउंटर नंबर छह पर एक यात्री के पासपोर्ट पर अधिकारियों को कुछ शक हुआ। पासपोर्ट सत्यजीत दास के नाम से बनाया गया था, जिस पर पता पश्चिम बंगाल के 24 परगना के पुरबापल्ली गांव का दर्ज था।

1 नवंबर 2013 को जारी किया गया था पासपोर्ट

पासपोर्ट पर कोलकाता से 11 नवंबर 2013 को जारी करने की मुहर और जानकारी अंकित थी, लेकिन बारकोड में अंतर पाए जाने पर इमिग्रेशन ब्यूरो ने पासपोर्ट धारक से पूछताछ शुरू कर दी। इस पर उसने बताया कि वह बांग्लादेशी नागरिक है। उसका सही नाम रजबा सरदार है और वह बांग्लादेश के मदारीपुर स्थित न्यू टाउन का निवासी है। वह दिसंबर 2010 में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पुटकली गांव के रास्ते एक एजेंट की मदद से भारत आया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल के 24 परगना के पुरबापल्ली गांव में तीन साल तक रहा।

जानें कितने में बनाया गया पासपोर्ट

इस दौरान उसने बेलघारिया के जोरासांको मार्केट की एक कपड़े की दुकान पर 2013 तक काम किया। 24 परगना में रहते हुए बांग्लादेशी ने बेलधारिया में ही दो एजेंटों बॉबी और रमजान कालू को 19 हजार रुपए देकर भारतीय वोटर कार्ड और पासपोर्ट हासिल किया। इसी पासपोर्ट से वह 2014 में कुवैत चला गया और 2017 में उसने दुबई में भी नौकरी शुरू की।

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