घुड़सवारी ही नहीं हवाई जहाज का भी शौक रखते हैं राजा भइया

घुड़सवारी ही नहीं हवाई जहाज का भी शौक रखते हैं राजा भइया

मर्यादा पुरुषोत्तम राम और क्षत्रपति शिवाजी पर विशेष अध्ययन करने वाले राजा इन्हें अपना आदर्श भी मानते हैं।

राघवेन्द्र प्रताप सिंह
लखनऊ.
यूपी के बाहुबली नेताओं में शुमार किए जाने वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया अक्सर किसी न किसी मामले में चर्चा में बने रहते हैं, लेकिन यह बात कम लोग जानते हैं कि राजा जितना शौक घुड़सवारी में रखते हैं, उतना ही हवाई जहाज उड़ाने का भी रखते हैं। अब इसे विडंबना ही कही जाए कि बाहुबली नेता होने का असर है कि कुंडा की जनता का दिल जीत कर सबसे ज्यादा वोटों से विधायक बनने वाले राजा भइया की छवि बाहुबली नेताओं में है।

राजा के नाम से मशहूर हैं किस्से-कहानियां
राजा भइया को लेकर यूपी में किस्से-कहानियों और अफवाहों की एक लंबी फेहरिस्त है। दरअसल, राजा भइया पहली बार बड़ी चर्चा में तब आए जब उन्होंने बसपा विधायकों को तोड़कर भाजपा की सरकार बनवाई थी। इसी दौर में मायावती ने रघुराज प्रताप सिंह से जो खुन्नस खाई तो फिर उन्हें पोटा के तहत जेल भेजवाकर ही चैन की सांस ली। इसके बाद राजा भइया लगातार विवादित होते चले गए।

पांच बार से एक ही स्थान से बन रहे हैं निर्दलीय विधायक
निर्दलीय विधायक बनने वाले राजा भइया की यूपी की राजनीति में अलग ठसक है। बिना किसी दल में शामिल हुए मंत्री बनने वाले राजा भइया कुंडा से लगातार पांच बार से विधायक चुने जा रहे हैं। सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, जातिवाद के राजनीतिक दौर में राजा भइया, जिस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं, वहां उनके जातीय वोटबैंक काफी कम है।

श्रीराम-शिवाजी को मानते हैं आदर्श
मर्यादा पुरुषोत्तम राम और क्षत्रपति शिवाजी पर विशेष अध्ययन करने वाले राजा इन्हें अपना आदर्श भी मानते हैं। उनका मानना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम और शिवाजी महाराज कोख से नहीं कर्म से महान हुए। इसलिए जनसेवा के लिए स्वामी नहीं, सेवक बनकर सेवा करनी पड़ती है। जिसे आप सफलता बता रहे हैं, उसे वे अपनी संतुष्टि का कारण मानते हैं।

ब्लॉक से राजधानी तक होती है क्षेत्रवासियों की मदद
राजा के लगातार जीतने का कारण जनता के साथ लगातार संपर्क बनाए रखना तथा उनके सुख-दुख में शामिल होना बड़ा कारण भी है। राजा बताते हैं कि क्षेत्रवासियों की किसी भी समस्या के लिए प्रथम चरण में ग्राम एवं ब्लाक स्तर के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होती है, उसके बाद तहसील स्तर फिर जिला स्तर के कार्यकर्ता लोगों की मदद करते हैं। यदि यहां से भी समस्या का समाधान नहीं होता तो फिर उनके स्तर से उनके विश्वसनीय लोग समाधान कराते हैं। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं होती तो राजा उसे दूर करने के लिए स्वयं पहल करते हैं। उन्हें किसी की छोटी पर्ची भी मिलती है तो उसे संभालकर रखता हैं और समय मिलते ही उसके समाधान करते हैं।

गांवों में अस्पताल, पुलिस, राजस्व की समस्या
काम के प्रकार को लेकर उन्होंने कहा कि ज्यादातर समस्याएं गांवों में अस्पताल, पुलिस, राजस्व को लेकर होती हैं। राजा इसके अलावा भी कई तरीके से लोगों की मदद करते हैं। यदि क्षेत्र का कोई परिवार बहुत ही विपन्न है तो वह उसकी आर्थिक मदद भी कराते हैं। खेल और व्यायाम में दिलचस्पी रखने वाले राजा युवाओं की भी मदद करते हैं।
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