जेम्स बांड के सहारे प्रत्याशी पता लगा रहे दूसरों की चाल

Dikshant Sharma

Publish: Nov, 14 2017 06:09:59 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
जेम्स बांड के सहारे प्रत्याशी पता लगा रहे दूसरों की चाल

गली गली घूम प्रत्याशी कह रहे 'अंकल पहचाना कि नहीं !'

लखनऊ. चुनावी रण में तस्वीर साफ़ हो चुकी है। कौन पार्टी से और कौन निर्दलीय ये भी साफ़ है। अब समय आचुका है प्रत्याशियों के जनसम्पर्क करने का। मेयर से लेकर पार्षद प्रत्याशी अब घर घर जा कर वोट मांग रहे हैं।

कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें जनसंपर्क के दौरान भीड़ जुटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। आलम यह है कि जनसंपर्क करने से पहले ऐसे उम्मीदवार अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को फोन करके जनसंपर्क में आने के लिए कह रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद जनसंपर्क में खासी भीड़ नहीं आ रही है। जबकि कई ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जिनके जनसंपर्क में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ये ख़ास कर दलिए उम्मीदवारों में है। खास बात यह है कि यह भीड़ जुटाई नहीं जा रही है बल्कि लोग स्वेच्छा से खुद उम्मीदवार के फेवर में आ रहे हैं। कारण है पार्टियों का वोट बैंक। जाहिर है ऐसी स्थिति वाले उम्मीदवार का चुनावी रण में पलड़ा खासा भारी पडऩे वाला है।

बच्चों के कंधे भी ज़िम्मेदारी
कई उम्मीदवार तो ऐसे हैं, जिनके जनसंपर्क में भीड़ के रूप में बच्चे नजर आ रहे हैं। कोई बच्चा हाथ में झंडा लिए नजर आता है तो कोई पंपलेट्स। उम्मीदवार की ओर से बच्चों को पहले ही निर्देश दे दिए जाते हैं कि जनसंपर्क के दौरान वे लोग सिर्फ जोर लगाकर उसका नाम लेंगे। जिससे जनता उसके नाम के बारे में जान सके।

अंकल पहचाना कि नहीं, भतीजे को याद रखना !
इस समय सभी वार्डों में उम्मीदवारों की ओर से जनसंपर्क शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही बैठकों का भी दौर जारी है। चुनावी रण में उतरे उम्मीदवार अब रिश्तेदारी तलाश रहे हैं। इनमें ऐसे भी हैं, जिन्हें वार्ड की जनता जानती तक नहीं हैं। उम्मीदवार घर-घर जा बाहर निकलने वाले लोगों के पैर छू कर पहला सवाल यही कर रहा है कि अंकल या आंटी पहचाना कि नहीं ? अगर जवाब हां में मिल जाता है तो उम्मीदवार की आवाज आत्मविश्वास से भर जाती है तो तुरंत कहता है कि प्लीज मुझे ही वोट कीजिएगा. अगर जवाब ना में मिलता है तो उ मीदवार कहता है कि हो सके तो इस बार एक मौका दिलवाएं, वार्ड का विकास जरूर होगा।

पहले 'उनके' घरों से मांग रहे वोट
उम्मीदवार जनसंपर्क के दौरान उन घरों में जा ही नहीं रहे हैं, जहां से उन्हें उम्मीद है कि हर वोट उनके नाम पर ही जाने वाला है। अपने समर्थकों से उम्मीदवार पहले ही कह दे रहा है कि अरे भाई, उस घर में जाएंगे लेकिन बाद में। उस घर में रहने वाले सभी लोग तो मुझे ही वोट देने वाले हैं। उम्मीदवार गली-गली घूमकर हर घर में जाकर अपना चुनावी एजेंडा बता रहे हैं और विश्वास दिला रहे हैं कि इस बार विकास जरूर होगा। गलती से ही सही कई प्रत्याशी तो अपने ही पार्टी के पूर्व पार्षदों के विकास के वादों पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल सड़कों के निर्माण से लेकर सफाई बरतने की बात कहने से पहले वे ये भूल चुके हैं कि इससे पहले वार्ड के कायाकल्प की ज़िम्मेदारी उन्ही के पार्टी नेताओं पर थी।

‘जेम्स बांड’ की भी तय हुई भूमिका
उम्मीदवारों ने अपने ख़ास को जेम्स बांड की जिम्मेदारी सौंपी है। जनसंपर्क और बैठकें करने के साथ-साथ उम्मीदवार की ओर से हर पल वार्ड की नब्ज भी टटोली जा रही है। सिंबल एलॉट होने के बाद जनसंपर्क में अब अच्छी खासी तेजी देखने को मिल रही है तो ख़ास लोगों के भरोसे प्रयास किया जा रहा है कि अपने जनता के मन की बात जानी जाए। जनसंपर्क और बैठकों के बाद उम्मीदवार इसी दिशा में रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। सुबह से शाम तक इस बिंदु पर काफी होमवर्क भी किया जा रहा है जिससे सफल परिणाम सामने आ सकें।

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