आय से अधिक संपत्ति में भ्रष्टाचार लिपिक पर दर्ज हुआ मुकदमा

अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री की चल एवं अचल सम्पत्ति की जांच की थी।

By: Ritesh Singh

Updated: 05 Sep 2020, 03:12 PM IST

लखनऊ ,फर्रूखाबाद जिला कोषागार कार्यालय के सम्पत्ति सहायक कोषाधिकारी एवं कर्मचारी नेता अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री भ्रष्टाचार में दोषी पाये गये है। आगरा भ्रष्टाचार निवारण संगठन, अपराध अनुसंधान विभाग के प्रभारी निरीक्षक जयपाल सिंह पवार ने नगर के मोहल्ला सेनापति स्ट्रीट 1/173 निवासी अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री के विरूद्ध कोतवाली फतेहगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अपराध संख्या 320/2020 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। वर्ष 2017 में तैनात जिलाधिकारी के आदेश पर तहसीलदार सदर ने सहायक कोषाधिकारी अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री की चल एवं अचल सम्पत्ति की जांच की थी।

तहसीलदार की जांच आख्या की प्रतिलिप अपर पुलिस महानिदेशक भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ को कार्रवाई के लिये भेजी गई थी। जिसकी जांच आगरा इकाई के निरीक्षक शिवराज सिंह के द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि सहायक कोषाधिकारी अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री ने लोकसेवक के रूप में कार्यरत रहते हुये अपनी आय के समस्त ज्ञात एवं वैध श्रोतो से कुल 74,43,899 रूपयों की आय अर्जित की गई तथा इसी अविधि में उनके द्वारा परिसम्पत्तियों के अर्जन पर एवं भरण पोषण पर 1,14,26,926 रूपये व्यय किये गये। जो आय के सापेक्ष 38,83,027 रूपये यानि 53.50 प्रतिशत अधिक है। इस सम्बंध में अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री कोई साक्ष्य उपलब्ध नही करा सके। मालुम हो कि अखिलेश चन्द्र अग्निहोत्री संयुक्त राज्य कर्मचारी महासंघ के वर्षो से जिलाध्यक्ष पद पर कार्यरत है। अग्निहोत्री काबीना मंत्री स्व0 ब्रह्मदत्त द्विवेदी के समय भाजपा के वरिष्ठ नेता बागीश अग्निहोत्री के भाई है।

Ritesh Singh
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