Babari Masjid Demolition Verdict: जफरयाब जीलानी बोले फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे, इकबाल अंसारी कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

  • बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
  • मुस्लिम पक्ष के पैरोकार जफरयाब जीलानी ने अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
  • सबसे पहले मुकदमा दर्ज कराने वाले हाजी महबूब फैसले से दिखे हैरान।
  • इकबाल अंसारी ने कहा हम पहले ही चाहते थे इसका फैसला हो जाए।

लखनऊ. 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 साल की लंबी सुनवाई के बाद 30 सितंबर 2020 को फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया। मुस्लिम पक्ष की ओर से केस की पैरवी करने वाले जफरयाब जीलानी ने सीबीआई अदालत के फैसले को हाईकार्ट में चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मुसलमान इस केस के विक्टिम हैं इसलिये हम इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। उधर बाबरी मस्जिद विध्वांस के बाद सबसे पहली एफआईआर कराने वाले अयोध्या के हाजी महबूब फैसले से हैरान दिखे। उन्होंने कहा है कि कल्याण सिंह ने खुद कहा कि मुझे गर्व है कि मैने गिराया और मुझे कोई परेशानी नहीं है। इसी तरह वेदांती भी कहते थे कि मुझे गर्व है। सबस लोग ऐसी बातें कहते थे बावजूद सभी को बरी कर दिया गया। हालांकि अयोध्या जन्मभूमि के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि वह इस फैसले से संतुष्ट हैं।

 

सीबीआई की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने घटना को पूर्व नियोजित नहीं माना। कोर्ट का फैसला आने के बाद मुस्लिम पक्ष के पैरोकार जफरयाब जीलानी ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही। उन्होंने मीडिया से कहा कि केस में मुसलमान विक्टिम है इसलिये फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। हाईकोर्ट में अपील कौन करेगा, इसको लेकर उन्होंने कहा कि यह बाद में तय होगा।

 

उधर पहली एफआईआर दर्ज कराने वाले हाजी महबूब ने मीडिया से कहा कि कल्याण सिंह से लेकर राम विलास वेदांती तक गर्व करते रहे कि मैने गिराया है, सब लोग यही कहते रहे, बावजूद इसके सभी बरी कर दिये गए। उन्होंने कहा कि जंगलराज चल रहा है। हालांकि सीबीआई अदालत के फैसले को चुनौती देने के सवाल पर उन्होंने कुछ साफ-साफ नहीं कहा। बताते चलें कि हाजी महबूब ही वो शख्स हैं जिन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद सबसे पहले राम जन्मभूमि थाने में 49 लोगों को आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।

 

उधर अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने भी सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हम कानून का पालन करने वाले अच्छे मुसलमान हैं। उन्होंने कहा कि बहुत लम्बे समय से मामला लटका हुआ था। अचछा है अदालत ने बरी कर दिया। इकबाल अंसारी ने कहा कि हम पहले ही चाहते थे कि इसका फैसला हो जाए। हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।

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रफतउद्दीन फरीद
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