चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी बोले सरकार ने छीन लिए हैं हमारे सारे हक़ !

4.50 लाख पद रिक्त हैं

By: Ritesh Singh

Published: 07 Jul 2019, 02:55 PM IST

लखनऊ , उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश उप महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती पर लगी रोक का ज्ञापन प्रधानमंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री उ0प्र0 सरकार, समस्त सांसद लोकसभा एवं राज्यसभा, समस्त विधानसभा, विधान परिषद के सदस्यगण 5 सूत्रीय मांग-पत्र का ज्ञापन भेजा हैं। इसमें चतुर्थ श्रेणी की भर्ती पर लगी रोक हटाने के लिए पुरजोर मांग की गयी। उ0प्र0 में ही लगभग 4.50 लाख पद रिक्त हैं जो किसी तरह छोटे वर्ग के लोग हाईस्कूल एवं इण्टर तक शिक्षा दिला पाते थे जिससे उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी मिल जाती थी वह भी अब सरकार ने छीन लिया।

सरकार ने की साजिश

जबकि सरकार बराबर रोजगार देने की बात की जा रही है। जबकि सबसे निचले वर्ग के कर्मचारियों के पदों को पूर्ण रूप से समाप्त किए जाने की सरकार द्वारा साजिश की जा रही है। तथा नई पेंशन समापत कर पुरानी पेंशन बहाल की जाय जिससे राज्य कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा का हक मिल सके। उन्होने यह भी मांग की कि विभागों मे लम्बे आश्रय से हाईस्कूल एवं इण्टर उससे अधिक शिक्षा योग्यता रखने वाले चतुर्थ श्रेणी वर्ग कर्मचारी कार्यरत हैं जिनकी समूह ‘घ’ से पदोन्नति नही हो सकी। सामूहिक आग्रह है कि केन्द्र सरकार की भांति हाईस्कूल, इण्टरमीडिएट या योग्यताधारी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ‘घ’ से ‘ग’ में तृतीय वर्ग कर्मचारी घोषित किया जाय।

पेंशन भी नहीं मिला रही

राज्य सरकार के अनेकों विभागों मे कार्य एवं प्रभारित एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों कार्यरत हैं जिनमें बहुत को नियमित स्थानो में उस समय से0नि0 के कगार पर हैं इस प्रकार जिनका जीवन कार्य प्रभावित एवं मस्टर रोल में कार्यरत करते रहे बीता, उन्हे 10 वर्ष की सेवाकाल नियमित स्थान में न होने के कारण से0नि0 किया जा रहा है। ऐसे कर्मचारियों को न तो पेंशन दी जा रही है न ही ग्रेच्युटी या से0नि0 का लाभ मिल पा रहा है।

विभाग में आउटसोर्सिंग व्यवस्था ख़त्म हो

से0नि0 हो रहे कर्मचारियों की पूर्व सेवा जोड़कर पेंशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाय तथा 91 के बाद दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के रूप में अब तक नियुक्त हुए कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त की जाय। उन्होने आरोप लगाया कि आउट सोर्सिंग व्यवस्था उ0प्र0 के महा घोटाला साबित होगा। इस पर तत्काल रोक लगायी जाय। उ0प्र0 के विभागों मे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नही किया जाएगा।

Ritesh Singh
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