बैंकों में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कराया जाए : मुख्यमंत्री

कोरोना वायरस कोविड-19 की जांच हेतु टेस्टिंग किट की संख्या बढ़ायी जाए

By: Ritesh Singh

Published: 31 Mar 2020, 07:24 PM IST

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना वायरस कोविड-19 पर नियंत्रण के लिए लाॅकडाउन व्यवस्था को शत प्रतिशत सफल बनाना होगा। इसके दृष्टिगत लाॅकडाउन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ायी जाए।

मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर कोरोना वायरस कोविड-19 पर नियंत्रण हेतु लागू लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा के लिए आहूत बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत तीन दिनों में अन्य राज्यों से आए लोगों को उनके गांवों में भेजने से पहले जनपद स्तर पर शेल्टर होम्स स्थापित कर क्वारेन्टाइन में रखा जाए। आवश्यकतानुसार विद्यालयों, सामुदायिक केन्द्रों आदि को शेल्टर होम्स में परिवर्तित कर लिया जाए। शेल्टर होम्स में सोशल डिस्टैंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। शेल्टर होम्स में भोजन, पेयजल, दवा आदि की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शेल्टर होम्स में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगायी जाए तथा यहां रखे गए लोगों की नियमित थर्मल स्कैनिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अतिरिक्त एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रभारी बनाकर तैनात किया जाए। यह अधिकारी सम्बन्धित जनपद में कैम्प करें। तैनात अधिकारी के साथ एक टीम की भी नियुक्ति की जाए। नियुक्त अधिकारी व टीम का समुचित प्रशिक्षण कराए जाने के साथ ही, उन्हें वेल इक्युप्ड भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पी0पी0ई0 किट व मास्क आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी सप्लाई चैन बनायी जाए। पी0पी0ई0 किट व एन-95 मास्क की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।

कोरोना वायरस कोविड-19 की जांच हेतु टेस्टिंग किट की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन वार्ड और क्वारेन्टाइन वाॅर्ड अलग-अलग बनाए जाए। उन्होंने कहा कि आर्मी मेडिकल कोर व केन्द्र तथा राज्य सरकार के सेवानिवृत्त चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के मार्गनिर्देशों के अनुरूप सामानों के परिवहन की अनुमति प्रदान की जाए। नोडल अधिकारी तैनात कर सिस्टमैटिक तरीके से सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए राशन का वितरण कराया जाए। राशन वितरण स्थलों पर सेनीटाइजर आदि की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। बैंकों में भी सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कराया जाए। सभी जनपदों में आवश्यक वस्तुओं की रेटलिस्ट जारी कराकर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। कम्यूनिटी किचन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। प्रत्येक जनपद में अनिवार्य रूप से कम्यूनिटी किचन का संचालन कराया जाए। आटा, दाल व तेल मिलों का संचालन कराया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी ने बताया कि गुजरात, केरल, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि राज्यों में रह रहे प्रदेशवासियों की भोजन, निवास आदि समस्याओं का समाधान कराया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा ने बताया कि विभिन्न संस्थाओं से भोजन प्राप्त करने व उसके वितरण के लिए एक मोबाइल एप विकसित कराया जा रहा है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन ने अवगत कराया कि फ्लोर मिलों व आटा चक्कियों को गेहूं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। निर्माण श्रमिकों को आर्थिक सहायता की भुगतान के लिए कार्यवाही की जा रही है। इस सम्बन्ध में एक मोबाइल एप भी विकसित कराया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुनाफाखोरी रोकने के लिए सभी जनपदों में रेटलिस्ट लगवायी जा रही है। अभी तक आवश्यक वस्तु अधिनियम में 46 व्यक्तियों के विरुद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज करायी गई है। अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अनुरूप प्रदेश के दिव्यांग व निराश्रित महिलाओं के लिए भी आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा चिकित्सा कर्मियों के लिए घोषित 50 लाख रुपए की बीमा योजना से चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं चिकित्सा कार्य में लगे एम्बुलेंस ड्राइवर आदि कर्मी भी आच्छादित हैं।

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