चुनाव आयोग ने योगी और मायावती को भाषण पर जारी किया नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

चुनाव आयोग ने योगी और मायावती को भाषण पर जारी किया नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब

Neeraj Patel | Updated: 12 Apr 2019, 03:55:47 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती को चुनाव आयोग ने उनके भाषणों पर नोटिस देकर एक जोरदार झटका दिया, योगी और मायावती की बढ़ी मुश्किलें

लखनऊ. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती को चुनाव आयोग ने उनके भाषणों पर नोटिस देकर एक जोरदार झटका दिया है और साथ ही 24 घंटे में जवाब देने का कड़ा निर्देश भी जारी किया है। बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने अली-बजरंग बली को लेकर दिए गए बयान और मायावती को मुस्लिम मतदाताओं से की गई अपील को लेकर नोटिस दिया गया है। इसके अलावा चुनाव आयोग पीएम मोदी द्वारा रैली में बालाकोट के नाम पर वोट मांगे जाने के मुद्दे पर भी रिपोर्ट की जांच कर रहा है। यही नहीं, आयोग ने नमो टीवी को लेकर भी कानूनी सलाह ली है और अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार करने में लगा हुआ है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान कहा था यह

योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की जनसभा में कहा था कि अगर कांग्रेस, सपा-बसपा का अली में विश्वास है, तो हमारा बजरंगबली में विश्वास है। इसके साथ ही योगी ने अपने भाषण में कहा था कि मायावती सिर्फ मुस्लिम मतदाताओं का वोट चाहती हैं। मायावती ने मुस्लिमों के लिए वोट मांगा हैं। मुस्लिमों से कहा है कि वह सिर्फ गठबंधन के लिए वोट करें और अपना वोट बंटने न दें। अब हिंदुओं धर्म के लोगों के पास भाजपा के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है।

मायावती की मुसलमानों से सीधी अपील

बसपा सुप्रीमो मायावती ने देवबंद की रैली में मुसलमानों से वोट के लिए सीधी अपील की थी। वहां पर कहा था कि मुस्लिम किसी के भी बहकावे में आकर अपने वोट बर्बाद न होने दें। बसपा उम्मीदवार हाजी फजलुर्रहान के पक्ष में वोट करने की अपील की थी।

इसके साथ ही गठबंधन के मंच से सहारनपुर के मुसलमानों को बार-बार सचेत करते हुए कहा था कि किसी भी सूरत में अपने वोट को बंटने न दें। कांग्रेस इस लायक नहीं है कि वो बीजेपी का मुकाबला कर सके। जबकि महागठबंधन के पास सबसे मजबूत आधार है। इसलिए एकजुट होकर गठबंधन को वोट करें।

योगी और मायावती की बढ़ी मुसीबत

चुनाव आयोग ने सीएम योगी और मायावती के इन्हीं भाषणों को लेकर नोटिस जारी किया है और 24 घंटे में जवाब देने के निर्देश दिए हैं कि उन्होंने अपने भाषणों में इस तरह के बयान क्यों दिए इसके पीछे उनका क्या मकसद था। चुनाव आयोग के इस कदम के उठाने से दोनों नेताओं मुश्किलें बढ़ गई हैं।

 

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