किताबों से मिलते हैं संस्कार: डीके ठाकुर

विमोचन, लेखकों से मुलाकात और परिचर्चा के संग चलीं आॅन लाइन प्रतियोगिताएं

By: Ritesh Singh

Published: 14 Mar 2021, 08:43 PM IST

लखनऊ, विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही अच्छी ज्ञान भरी पुस्तकें हमें संस्कारित करती हैं। बाल संग्रहालय लान चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेले के समापन अवसर पर यह संदेश पुलिस और समाज के दायित्व और कर्तव्य का जिक्र करते हुए पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने दिया। वे आज शाम यहां स्टाल लगाने वाले और मेला सहयोगियों को स्मृतिचिह्न प्रदान कर रहे थे।

समापन समारोह में संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए मेले पर अपनी संक्षित्प रपट पेश की। उन्होंने बताया कि इस बार प्रकाशन संस्थानों के साथ, वितरकों, प्रशासन और अन्य विविध प्रतिष्ठानों का सहयोग मिला। आप्टिकुम्भ एक विशेष आयोजन रहा। मंच के साथ ही आॅनलाइन प्रतियोगिताएं भी चलीं। समाजसेवी मुरलीधर आहूजा ने कहा कि ऐसे आयोजनों का क्रम संस्कृति के इस शहर में निरंतर बना रहना चाहिए। मेला निदेशक आकर्ष चंदेल ने अतिथियों और प्रतिभाग करने वाले संस्थानों का आभार व्यक्त किया। इससे पहले यूपी त्रिपाठी ने विश्वम महोत्सव के बारे में बताया।

कार्यक्रमों की शुरुआत आज ए वाक आन कश्मीर पुस्तक पर आयोजित कार्यक्रम से हुई। देबाशीष उपाध्याय और जीतेश श्रीवास्तव के संग बाल लेखक आदित्य राज व अक्षत थापा का कार्यक्रम ध्यान आकर्षित करने वाला रहा। आनलाइन गाथा की ओर से जोएल गुहा के भावनात्मक अंग्रेजी काव्यसंग्रह आॅटम एण्ड द रेन का विमोचन पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर द्वारा सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर मेघना तिवारी, नेहा लाल, सत्या सिंह व नरेन्द्र शर्मा ने विचार व्यक्त किये। मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब की प्रदर्शनी का समापन भी पुस्तक मेले के साथ हो गया। समापन अवसर पर सांस्कृतिक पाण्डाल में आयोजित काव्य समारोह में कविताओं की गूंज देर शाम तक रही।

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