एटीएम की कतार में हुई मौत तो अखिलेश देंगे दो लाख

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नोट बंदी के फलस्वरूप लोगों की मृत्यु को दुःखद बताते हुए आर्थिक रूप से कमजोर मृतकों के परिजनों को परीक्षणोपरान्त 02-02 लाख रु0 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। 

By: Raghvendra Pratap

Published: 07 Dec 2016, 03:35 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नोट बंदी के कारण बैंकों एवं एटीएम की लाइन में नोट बदलवाने में लगे लोगों की मृत्यु को दुःखद बताया है। उन्होंने बुधवार को कतार के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर सभी मृतकों के परिजनों को परीक्षणोपरान्त 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता ‘मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष’ से देने की घोषणा की। साथ ही  अलीगढ़ की रजिया पत्नी अकबर हुसैन के निधन पर दुःख व्यक्त करते हुए उनके परिजन को ‘मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष’ से 05 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

लाइन में लगने के बाद भी पैसे न मिलना दुखद
अलीगढ़ की घटना को दुःखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को अपनी ही धनराशि को प्राप्त करने के लिए इस प्रकार बैंकों एवं एटीएम की लाइन में लगकर पैसा निकालने का प्रयास करना और उस पर भी सफल न हो पाना अत्यन्त कष्टप्रद है। 

तीन दिन से लाइन में लग रही थी रजिया
शासन के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि नोट बंदी के बाद श्रीमती रजिया अपने कारखाने से मजदूरी के रूप में प्राप्त 500-500 के 06 नोट बदलवाने के लिए अपने नजदीकी बैंक में लगातार तीन दिन तक कोशिश करती रहीं, परन्तु वह नोट बदलने में सफल नहीं हो पायीं। इस पर आर्थिक रूप से कमजोर रजिया ने दुःखी होकर अपने आप को आग लगा ली। गम्भीर रूप से जली रजिया का जिला मलखान सिंह अस्पताल, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज, अलीगढ़ के बाद सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में इलाज चला। नई दिल्ली में इलाज के दौरान 04 दिसम्बर को उनका निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके परिजन को 05 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। 
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