सीएम अखिलेश ने बताया कब हो सकते हैं यूपी चुनाव

यूपी चुनाव की तारीख को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई। इसी बीच सीएम अखिलेश यादव ने इस मामले पर एक अनुमान लगाया है। 

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। लेकिन चुनाव की तारीख को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई। इसी बीच सीएम अखिलेश यादव ने इस मामले पर एक अनुमान लगाया है। यूपी के मुख्यमंत्री ने आशंका जताई है कि पीएम मोदी के नोट बंदी के फैसले की वजह से 2017 में होने वाले चुनाव में देरी हो सकती है।

अखिलेश ने रविवार को पुराने लखनऊ के सुंदरीकरण कार्य का लोकार्पण किया था। इस मौके पर उन्होंने चुनाव में देरी होने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहना था कि जो चुनाव अगले दो-तीन महीने में होने थे, उस चुनाव में अब चार महीने का समय लग सकता है। 

अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता में कहा कि विरोधी मुझपर लगातार ये आरोप लगा रहे हैं कि हम चुनाव के लिए जल्दबाजी में आधे-अधूरे प्रोजेक्ट का ही उद्घाटन कर दे रहे हैं। चाहे वो एक्सप्रेस वे हो या फिर मेट्रो। मगर असल बात तो ये है कि उनके पास काफी समय है, क्योंकि आगामी चुनाव होने में अभी काफी वक्त बाकी है।

उन्होंने आगे कहा कि जो चुनाव जल्द दिख रहे थे, उसमें अब कम से कम तीन महीने का वक्त तो और लगेगा। ये भी हो सकता है कि चुनाव चार महीने बाद हों। लेकिन, मुश्किल उन्हें जरूर है जिनकी नोटबंदी की वजह से रैलियां और यात्राऐं रुक गई हैं।

अखिलेश यादव ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर चुटकी लेते हुए कहा कि हम समाजवादियों को नोटबंदी की कोई चिंता नहीं है। क्योंकि हम नोटों के बिना ही चुनाव लड़ेंगे। परेेशानी उन्हें है जो बिना पैसे के चुनाव नहीं लड़ सकते। अखिलेश ने फिर कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी कर गरीब लोगों को दुख पहुंचाया है और जो गरीबो को दुख पहुंचाता है, उसे जनता माफ नहीं करती और इसका जबाव चुनाव में देगी।

एटीएम की कतार में हुई मौत, तो अखिलेश देंगे दो लाख रुपए

आज बुधवार को अखिलेश ने प्रदेश में नोट बंदी के फलस्वरूप लोगों की मृत्यु पर दुख जताते हुए आर्थिक रूप से कमजोर मृतकों के परिजनों को परीक्षणोपरान्त 02-02 लाख रु0 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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Abhishek Gupta
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