सीएम योगी आदित्यनाथ की महिलाओं को बड़ी सौगात, बैंक खातों में ट्रांसफर किये 445.92 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा यह धनराशि सीधे समूहों के बैंक खाते में हसतांतरित की गई।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन के लिए 97,663 स्वयं सहायता समूहों एवं उनके संगठनों को 445.92 करोड़ रुपये की पूंजीकरण धनराशि का हस्तांतरण किया। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा यह धनराशि सीधे समूहों के बैंक खाते में हसतांतरित की गई। कार्यक्रम में प्रदेश के ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास विभाग के मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह और राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला भी उपस्थित रहे।

आपतो बता दें कि महिलाओं को आर्थिक स्वावलम्बन प्रदान करने के उद्देश्य से योगी सरकार द्वारा बीते साढ़े तीन वर्षों में अनेक नीतिगत प्रयास किए गए हैं। स्वयं सहायता समूह इस दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन कर उभरे हैं। प्रदेश में 3,93,447 स्वयं सहायता समूहों से करीब 45,24,640 परिवारों को बड़ा आर्थिक सम्बल भी प्राप्त हुआ है। अब तक करीब 67 हजार समूह सदस्यों द्वारा 1 करोड़ 28 हजार स्कूल गणवेशों का निर्माण किया गया है, जिससे लगभग 100 करोड़ से अधिक की आमदनी हासिल हुई।

वर्तमान में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा 1,141 उचित दर की दुकानों का संचालन किया जा रहा है, तो 52,981 अंगनबाड़ी केंद्रों में इन्हीं समूहों द्वारा सूखे राशन का वितरण भी किया गया। योगी सरकार करीब 58 हजार ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सखी की नियुक्ति कर रही है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को वरीयता दी गई। यही नहीं 7,213 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक शौचलयों का संचालन भी किया जा रहा है।

महिला अभ्यर्थी को मिलेगा 1200 रु महीना

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीती 22 मई को प्रदेश में जिस बीसी (बैंकिंग करेस्‍पॉन्‍डेंट) सखी योजना शुरू करने का ऐलान किया था। अब उस पर अमल होना शुरू हो गया है। इस योजना के तहत राज्य की 58532 ग्राम पंचायतों में एक-एक बीसी सखी की तैनाती करने के लिए प्रथम चरण में 56875 बीसी सखी को प्रशिक्षण देने के लिए शार्टलिस्ट किया गया है। ऑनलाइन मिले 2,16, 000 आवेदनों में से 56875 महिलाओं को प्रथम चरण में शार्टलिस्ट किया गया है। अब इनको प्रशिक्षण देने का निर्देश राज्य के सभी जिलाधिकारियों को शासनस्तर से दिए गए हैं। प्रदेश शासन का प्रयास है कि नए साल में इस योजना के तहत बीसी सखी बैंकों से जुड़कर पैसों का लेनदेन गांवों में घर-घर जाकर करवाने लगें। यह लेनदेन डिजिटल होगा।

राज्य के अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को बैकिंग करेस्पांडेंट सखी के लिए शार्टलिस्टेड महिलाओं का प्रशिक्षण शुरू कराने का निर्देश दिया है। हर जिले में 30-30 बैच में बीसी सखी को एक-एक सप्ताह का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद बीसी सखी के लिए आरबीआई के निर्देशों के अतंर्गत इन्डियन इंस्टीट्यूट आफ बैंकिग एंड फाइनेंस द्वारा कराई जाने वाली परीक्षा पास करनी होगी। जिसके बाद विभिन्न बैंकों में बीसी सखी का चयन होगा और उन्हें लैपटाप से लेकर अन्य जरूरत के उपकरण दिए जाएंगे। जिनके माध्यम से ये लोगों को बैकिंग सुविधा का लाभ मुहैया कराएंगी।

नितिन श्रीवास्तव
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