देश के पहले ओडीओपी वर्चुअल फेयर का सीएम योगी ने किया उद्घाटन

- 35 देशों के 1000 खरीदार ले रहे हैं भाग, 700 से अधिक ओडीओपी उत्पाद शिल्पकार हैं मौजूद
- क्षेत्रीय खूबियों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए हर मदद करेगी सरकार: योगी आदित्यनाथ
- फिक्की चेयरपर्सन संगीत रेड्डी ने कहा हम साल भर जारी रखेंगे यह वर्चुअल फेयर

By: Hariom Dwivedi

Published: 19 Oct 2020, 07:03 PM IST

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को देश के पहले 'ओडीओपी वर्चुअल फेयर' का औपचारिक उद्घाटन किया। पांच दिवसीय वर्चुअल फेयर के उद्घाटन अवसर पर फिक्की की चेयरपर्सन संगीता रेड्डी और ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त गायत्री कुमार सहित उद्योग जगत और विदेश में भारत के विभिन्न प्रतिनिधियों की वर्चुअल सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश व्यापक संभावनाओं का प्रदेश है। हर जिले के कुछ उत्पाद वहां की पहचान हैं। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) जैसी योजना इन्हीं विशिष्टताओं को वैश्विक मंच देने का प्रयास है। भदोही की कालीन, वाराणसी की साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, अलीगढ़ का हार्डवेयर, गोरखपुर का टेराकोटा सहित सभी 75 जिलों की अपनी खूबी है। यहां के शिल्पियों और उद्यमियों के जीवन की खुशहाली और सपनों में रंग भरना हमारी प्रतिबद्धता है। योगी ने शिल्पियों और उद्यमियों के विकास तथा प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के उद्देश्य से फिक्की से मिल रहे सहयोग की प्रशंसा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में लघु उद्यमियों और हस्त शिल्पियों के प्रोत्साहन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई प्रयास किए हैं। उनका कारोबार निर्बाध चलता रहे, इस उद्देश्य से वर्चुअल फेयर का आयोजन किया जा रहा है। यह अभिनव प्रयास निश्चित ही शिल्पकारों के लिए उपयोगी होगा। योगी ने कहा कि वर्चुअली बायर-सेलर मीट शिल्पियों, निर्यातकों के लिए निश्चित ही उपयोगी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी सराहा है और अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। यह हमारे लिए उत्साहवर्धक है।

वाराणसी और आगरा के उद्यमियों से सीएम ने की बात
इस दौरान मुख्यमंत्री ने वाराणसी की उद्यमी शैलजा अरोड़ा और आगरा के अनुराग मित्तल से भी बात की। दोनों उद्यमियों ने कहा ओडीओपी योजना से आसान शर्तों पर उपलब्ध ऋण की मदद से हम लोग तकनीक रूप से सक्षम हुए हैं। इससे उत्पाद और उत्पादन दोनों में ही गुणात्मक सुधार हुआ है।

'वोकल फॉर लोकल' की संकल्पना होगी साकार : मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह
इससे पहले प्रदेश के एमएसएमई विभाग के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि यह ग्लोबल फेयर, प्रधानमंत्री के 'वोकल फ़ॉर लोकल' की संकल्पना को साकार करने वाला है। इस वर्चुअल फेयर में 35 देशों के 1000 से अधिक खरीदार प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रदेश के लगभग 700 शिल्पी और विक्रेता मेले में अपनी स्टाल लगा चुके हैं। इस संख्या में इजाफा जारी है। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए ग्लोबल अवसर है। मंत्री ने कहा कि ओडीओपी योजना मुख्यमंत्री जी की अभिनव सोच का प्रतिबिंब है। इसने क्षेत्रीय विशेषताओं को वैश्विक पहचान दी है। उद्योग संगठन फिक्की की चेयरपर्सन संगीता रेड्डी जी ने कहा कि ओडीओपी की परिकल्पना बेहतरीन है। इसके प्रोत्साहन के लिए जो प्रयास हो रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। वर्चुअल फेयर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को लाभ होगा। फिक्की इस आयोजन को सिर्फ पांच दिन ही नहीं, बल्कि पूरे एक साल जारी रखेगा।

सात समंदर पार से आ रहे खरीदार
कोविड काल में सुस्त बाजार की मार से परेशान लघु उद्यमियों हस्तशिल्पियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वर्चुअल बाजार' का उपहार दिया है। ऑनलाइन ओडीओपी मेले में घर बैठे ही उद्यमियों के उत्पाद स्थानीय उपभोक्ताओं के साथ सात समंदर पार से भी खरीदार आ रहे हैं।

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