सीएम की कुर्सी से दूर होंगे योगी, संभालेंगे महंत की गद्दी ! 

वे महंत की कमान संभालेंगे और अब गुरु बनकर दीक्षा देंगे।

लखनऊ। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ शनिवार को दो दिन के लिए एक बार फिर महंत का कार्यभार संभाल लिया है। यही नहीं इस दौरान वे गुरु बनकर दीक्षा भी देंगे। गोरक्षनाथ पीठ गोरखनाथ के महंत इस विधानसभा चुनाव के बाद सीएम पद तक पहुंचे और एक अब एक बार फिर वे महंत की भूमिका में नज़र आएंगे। उन्होंने दो दिन तक महंत की कमान संभाली है जिसके बाद वे एक बार फिर से सूबे के मुख्यमंत्री बन जाएंगे। वे इस दौरान गोरखपुर में हैं और अब गुरु बनकर दीक्षा देंगे।

गोरक्षनाथ पीठ के महंत से मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ दो दिन के लिए गोरखपुर दौरे पर हैं। वे पूरी तरह मठ के मुखिया का जिम्मा निभाने पर फोकस करेंगे। वे प्रदेश के साथ गोरक्षपीठ मठ की धार्मिक परंपराओं की भी जिम्मेदारी निभाना जानते है। वे शनिवार सुबह गोरखपुर के लिए रवाना हो चुके हैं।

ये है सीएम का कार्यक्रम
सीएम योगी लखनऊ से चलकर 10:30 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंच गए। इसके बाद वे वहां से हेलीकॉप्टर के ज़रिये कश्मीर में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान साहब शुक्ला के मूल निवास मझगांवा जाकर श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद सरकारी स्कूल में ड्रेस वितरण समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद गोरखपुर मंदिर पहुंचेंगे।

गुरु बनकर देंगे दीक्षा
गोरक्षपीठाधीश्वर होने पर 9 जुलाई को guru purnima के दिन योगी आदित्यनाथ को मठ की परंपरा के अनुसार गुरु का भेष धारण करना होगा। इसके बाद वे नाथ संप्रदाय के अनुयायियों को दीक्षा भी देंगे। बता दें योगी आदित्यनाथ को संवैधानिक दायित्वों के साथ धर्म-कर्म के बीच संतुलन बनाकर चलने में महारत हासिल है।

इससे पहले भी कर चुके हैं पूजा अर्चना
इससे पहले जब मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने महूरत के आधार पर शपथ ली थी। अपने सरकारी आवास की शुद्धि कराने के बाद महूरत निकल कर गृह प्रवेश किया था। उन्होंने नवरात्र पर अपने कालिदास आवास पर कन्याओं का पूजन किया था। इसके साथ साथ नौ दिन नवरात्र का व्रत भी रखा था।
Dikshant Sharma
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