सीएम योगी का 'आत्मनिर्भर' हुआ टॉप पर ट्रेंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को देश के सबसे बड़े रोजगार कार्यक्रम की शुरुआत की। एतिहासिक कार्यक्रम को देखते हुए सोशल मीडिया पर "योगी का आत्मनिर्भर" (Atmanirbhar) टॉप पर ट्रैंड भी होता दिखा।

By: Abhishek Gupta

Published: 26 Jun 2020, 11:09 PM IST

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को देश के सबसे बड़े रोजगार कार्यक्रम की शुरुआत की। भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ जब एक साथ एक करोड़ से ज्यादा लोगों (1 crore jobs in UP) को एक साथ नौकरी या स्वरोजगार के कार्यक्रमों से जोड़ा गया। इस एतिहासिक कार्यक्रम को देखते हुए सोशल मीडिया पर "योगी का आत्मनिर्भर" टॉप पर ट्रैंड भी होता दिखा। सवा सौ करोड़ लोगों को रोजगार देने जैसे कदम उठाने के लिए सीएम योगी की खूब प्रशंसा हुई। कोरोना के कारण करोड़ों बेरोजगार को बल प्रदान करते हुए इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिए बटन दबाकर 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' का आगाज किया व इसके कुछ लाभार्थियों से वार्ता भी की। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस ड्रीम प्रोग्राम में युवाओं को तीन प्रकार के रोजगार कार्यक्रम में शामिल किया गया। पहला भारत सरकार का 'आत्मनिर्भर भारत रोजगार' कार्यक्रम है। दूसरा एमएसएमई सेक्टर, और तीसरा वे लोग हैं जिन्होंने बैंकों और सरकारी प्रयासों से कर्ज लेकर रोजगार और उद्यम शुरू किया है। इसमें अन्य राज्यों से घर लौटे श्रमिक और कामगार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी लाभान्वित होंगे।

ट्रेंड में सीएम योगी-
शुक्रवार को क्रायक्रम की शुरूआत से पहले ही यह अभियान सोशल मीडिया पर छाया रहा। हैश टैग योगी का आत्मनिर्भर_UP टॉप में ट्रेंड होता दिखा। अधिकतर लोगों ने माना कि सीएम योगी ने श्रमिकों की पीड़ा का समजा है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के चलते जहां देश में करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया था, प्रवासी श्रमिकों पर सबसे ज्यादा जब इसकी मार पड़ी थी, तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश में वापस लाने की मुहिम छेड़ी थी। यहीं नहीं 36 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों की मैपिंग कर, उनके साथ सवा करोड़ लोगों को रोजगार देने की व्यवस्था भी की। लोगों ने कहा पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने की तरफ योगी सरकार ने प्रभावी कदम बढ़ाया है।

50 लाख कामगारों/श्रमिकों को एमएसएमई के काम में किया गया समायोजित-

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 50 लाख से अधिक कामगारों/श्रमिकों को सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योगों और अनलॉक के बाद प्रारम्भ हुए सभी बड़े उद्योगों में समायोजित जा रहा है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों को भी रोजगार से जोड़ने का काम हुआ। सीएम योगी ने बताया कि अब तक प्रदेश में 15 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को इन योजनाओं के अंतर्गत रोजगार से जोड़ा गया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1.69 लाख प्रवासी श्रमिकों को सफलतापूर्वक समायोजित किया गया। वहीं मनरेगा के अंतर्गत प्रदेश में 62 लाख से अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं। इन्हें ग्रामीण क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, एक्सप्रेस-वे, हाईवे और वृक्षारोपण कार्य में समाहित किया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में अनलॉक के बाद सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम से जुड़े 7.80 लाख उद्योगों को पुनः प्रारम्भ करने में हमें सफलता प्राप्त हुई। इन योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए गए हैं। इन विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' के अंतर्गत प्रथम चरण में 57 हजार एम.एस.एम.ई इकाइयों को 2,002 करोड़ रुपए का ऋण वितरण किया गया। इन सभी इकाइयों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।

5000 से अधिक कामगारों में बांटा गया टूल किट-
शुक्रवार को 5,000 से अधिक कामगारों को टूल-किट का वितरण हो रहा है। इनमें 1,088 कामगार धातु उद्योग, लोहार, सुनार आदि के कार्यों से जुड़े हैं। 250 सीसा उद्योग से, 120 दरी और कालीन उद्योग से और 1,082 बढ़ई व फर्नीचर कार्य से जुड़े हैं। 669 कामगार खाद्य प्रसंस्करण व हलवाई कार्यों से जुड़े हैं। 212 नाई, 137 टोकरी बुनकर, 120 माटी कला बोर्ड से जुड़े कुम्हार, 95 राजमिस्त्री, 112 फुटवियर मरम्मत आदि कार्य से जुड़े कारीगरों के लिए टूल-किट वितरण का कार्यक्रम शरू किया गया है।

pm modi
Abhishek Gupta Desk/Reporting
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