लॉकडाउन @UP : सीएम योगी का ऐलान- किसी को भूखे पेट सोने नहीं देंगे, घरों में ही रहें लोग

- कम्युनिटी किचन से पहुंचाई जाएगी जरूरतमंदों को रोटी
- मोबाइल वैन ई-रिक्शा ट्रैक्टर और मोटर गाडिय़ों से डोरस्टेप डिलीवरी की होगी व्यवस्था
- ई-कॉमर्स कंपनियांए सभी मॉल और ग्रोसरी स्टोरों व दवा विक्रेता करेंगे होम डिलीवरी
- मजदूरों को तीन महीने का मुफ्त गेहूं-चावल देगी उत्तर प्रदेश सरकार
- होटल, फास्ट फूड मेकर्स, मिड-डे मील संस्थाओं, धर्मार्थ संस्थाओं, मठ, मंदिर, गुरुद्वारों को सुरक्षित फूड तैयार करने के निर्देश

लखनऊ. कोरोना वायरस की बीमारी को उत्तर प्रदेश में राज्य आपदा घोषित किया गया है। सूबे में अब तक कोरोना के 42 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से इलाज के दौरान 11 स्वस्थ भी हो चुके हैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए 14 अप्रैल तक यूपी सहित पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है। बावजूद राशन सहित अन्य जरूरी सामान के लिए लोग परेशान हैं और घरों से बाहर निकल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से घरों में रहने की अपील करते हुए प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार किसी को भी भूखे पेट सोने नहीं देगी। लॉकडाउन के दौरान सब्जी, दूध, फल, दवा और राशन सहित अन्य जरूरी सामान आपके घर तक पहुंचाया जाएगा। कम्युनिटी किचन के जरिए जरूरतमंदों तक रोटी भी पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा योगी सरकार एक अप्रैल से दिहाड़ी मजदूरों को तीन महीने का मुफ्त गेहूं-चावल भी उपलब्ध कराएगी।

सरकार एक अप्रैल से दिहाड़ी मजदूरों और अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी (खाद्य सुरक्षा) के कार्डधारकों को एकमुश्त तीन माह का अनाज देगी। इसमें दिहाड़ी मजदूरों और अन्त्योदय कार्ड धारकों को मुफ्त राशन मिलेगा। प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। अन्त्योदय कार्डधारकों को सरकार प्रतिमाह 35 किलो गेहूं-चावल देती है, जबकि पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को तीन किलो गेहूं और 2 किलो चावल प्रति यूनिट दिया जाता है। यूपी में 3.30 करोड राशन कार्ड धारक और 14.197 करोड़ यूनिट है। इसके अलावा मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की संख्या 88.4 लाख, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रम निर्माण श्रमिक की संख्या 20.37 लाख एवं दिहाड़ी मजदूरों की अनुमानित संख्या 15.60 लाख है।

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खाद्य विभाग अन्त्योदय कार्ड धारकों के अलावा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी मनरेगा जॉब कार्डधारक, श्रम विभाग के पंजीकृत निर्माण श्रमिक व दिहाड़ी मजदूरों को, जिनके पास पूर्व में अन्त्योदय या पात्र गृहस्थी राशन कार्ड नहीं है, उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध करा रहा है। सूबे में अभी तक करीब 3000 दिहाड़ी मजदूरों की शिनाख्त करके उन्हें पात्र गृहस्थी योजना के राशनकार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

लॉकडाउन के दौरान किसी भी व्यक्ति को जरूरी सामान की किल्लत न हो, इसके लिए यूपी में जरूरी सामान की होम डिलीवरी शुरू हो गई है। सिर्फ एक फोन पर राशन सहित जरूरी सामान आपके दरवाजे तक पहुंच जाएगा। बुधवार को अयोध्या से इसकी शुरुआत हो गई है। लखनऊ जिलाधिकारी ने किराना स्टोर्स को घर तक राशन पहुंचाने की अनुमति दी है। खाद्यान सामग्री, दूध, जीवन रक्षक दवायें आदि लोगों को सुलभ तरीके से उपलब्ध हो सकें। इसके लिए अलग-अलग वार्ड में प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम के अफसरों की जिम्मेदारी तय की गई है।

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कम्युनिटी किचन : जरूरतमंदों को रोटी
लखनऊ. योगी सरकार दिहाड़ी मजदूरों के लिए जल्द ही कम्युनिटी किचन की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि होटल, फास्ट फूड मेकर्स, मिड-डे मील संस्थाओं, धर्मार्थ संस्थाओं, मठ, मंदिर, गुरुद्वारे व ऐसे अन्य स्थानों पर जहां भी बड़ी मात्रा में सुरक्षित फूड तैयार हो सकता है, वहां फूड पैकेट तैयार कर मजदूरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। अवनीश अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों में करीब 5,419 मोबाइल वैन, ई-रिक्शा, ट्रैक्टर या मोटर गाड़ियों से डोरस्टेप डिलीवरी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। ठेला, हाथगाड़ी, मैनुअल गाड़ियों में कुल 6,704 गाड़ियों को चिह्नित किया जा चुका है उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। कोई भी व्यक्ति अनावश्यक घर से बाहर न निकले।

मॉल व ग्रोसरी स्टोर्स राशन की होम डिलीवरी
शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में अलग-अलग समितियां बना दी गई हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों (बिग बाजार, मेगा मार्ट आदि) के साथ ही दवा विक्रेताओं से होम डिलीवरी कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। राजधानी में लॉकडाउन के दौरान आम लोगों को आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए प्रशासन ने शहर के सभी मॉल, स्टोर और दुकानों को होम डिलीवरी करने की अनुमति प्रदान कर दी है। बाजारों में अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए प्रशासन ने किराना, दवा और सब्जी की दुकानों को सुबह छह बजे से रात 11 बजे तक खोलने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि दुकानों पर एक समय में दो से अधिक व्यक्ति न रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Hariom Dwivedi
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