सीएम योगी का चला हंटर, अब तक 15 आइपीएस हुए सस्पेंड, लगे हैं बड़े आरोप, देखें लिस्ट

भ्रष्टाचार, अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था बनाने में भी विफल साबित होने वाले पुलिस अफसरों पर सीएम योगी का हंटर चला है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 15 Sep 2020, 03:13 PM IST

लखनऊ. भ्रष्टाचार, अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था बनाने में भी विफल साबित होने वाले पुलिस अफसरों पर सीएम योगी का हंटर चला है। योगी सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में 15 आइपीएस सस्पेंड हो चुके हैं। इनमें छह के खिलाफ इसी वर्ष ही कार्रवाई की गई है। 15 आइपीएस में सात अब भी निलंबित हैं, तो वहीं आठ वापस अपनी ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं। सीएम योगी ने प्रदेश सरकार की कमान संभालते ही सबसे पहले अनुशासनहीनता के चलते आइपीएस अधिकारियों हिमांशु कुमार को 19 मार्च 2017 को निलंबित कर दिया था। कुमार ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर यादवों के तबादले का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर ट्वीट किया था। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त 24 मई, 2017 को सुभाष चंद्र दुबे को सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा को न रोक पाने के चलचे निलंबित किया गया था।

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2018 में तीन आईपीएस निलंबित-

उसके उपरांत एक ही दिन 16 जुलाई 2018 को दो पुलिस कप्तानों को निलंबित किया गया था। संभल के एसपी रहे आरएम भारद्वाज व प्रतापगढ़ के एसपी रहे संतोश कुमार सिंह को जिलों में बिगड़ी कानून व्यवस्था के चलते सस्पेंड कर दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी निर्देश दिए थे। उसी वर्ष 15 अगस्त को देवरिया शेल्टर होम में यौन उत्पीड़न और शोषण के मामले एसपी रोहन पी कनय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

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2019 में भी हुई बड़ी कार्रवाई-

बीते वर्ष की शुरुआत भी सीएम योगी ने कार्रवाई के साथ की। 19 फरवरी को उन्होंने एडीजी (नियम और नियमावली) जसवीर सिंह को अनुशासनहीनता के चलते सस्पेंड कर दिया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने 4 अप्रैल 2019 को बाराबांकी के एसपी सतीश कुमार को 65 लाख रुपए की वसूली के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसी के साथ ही 3 अगस्त को बुलंदशहर के एसपी रहे एन कोलंची को थानों के इंचार्ज के तबादले व पोस्टिंग में कथित घोर अनियमितताओं के आरोप में सस्पेंड किया था। 20 अगस्त को ही कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए प्रयागराज से एसएसपी अतुल शर्मा को निलंबित कर दिया गया था।

इस वर्ष भी कार्रवाई जारी-

इस वर्ष 10 जनवरी को मुख्यमंत्री ने सबसे पहले एसएसबी गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्णा को दुराचार के आरोप में निलंबित किया गया। बाद में 24 जुलाई को अपहरण व हत्या के मामले में ढिलाई बरतने के लिए कानपुर नगर साउथ की एसपी रहीं अपर्णा गुप्ता को सस्पेंड किया गया था। अगस्त में सरकार ने दो आईपीएस अधिकारी - दिनेश चंद्र दुबे पुलिस DIG (नियम और नियमावली) और अरविंद सेन DIG PAC आगरा को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया था। हाल में प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दिक्षित और महोब एसपी मनीलाल पाटीदार को भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड कर दिया था।

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